भारत-UAE दोस्ती की नई तस्वीर: एयरपोर्ट पर पीएम मोदी ने UAE राष्ट्रपति का किया आत्मीय स्वागत

नई दिल्ली संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एक दिन की आधिकारिक यात्रा पर सोमवार शाम राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए हवाई अड्डे जाकर स्वयं उनका स्वागत किया। शेख नाहयान की अब से कुछ देर बाद पीएम मोदी के साथ वार्ता होगी जिसके बाद संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति आज ही स्वदेश लौट जायेंगे। शेख नाहयान की यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है।   संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, और पिछले

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Published On :

जनवरी 19, 2026

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नई दिल्ली
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एक दिन की आधिकारिक यात्रा पर सोमवार शाम राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए हवाई अड्डे जाकर स्वयं उनका स्वागत किया। शेख नाहयान की अब से कुछ देर बाद पीएम मोदी के साथ वार्ता होगी जिसके बाद संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति आज ही स्वदेश लौट जायेंगे। शेख नाहयान की यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है।
 
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, और पिछले एक दशक में यह उनकी भारत की पांचवीं यात्रा होगी। यह यात्रा हाल ही में हुए उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान से मिली मज़बूत गति पर आधारित है, जिसमें सितंबर 2024 में अबू धाबी के शहजादा शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यात्रा और पिछले वर्ष अप्रैल में अमीरात के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री तथा दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की यात्रा शामिल है।

क्यों अहम है यह यात्रा
उनकी भारत यात्रा पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संबंधों में आई तीव्र गिरावट, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच बढ़ते तनाव और गाजा में अस्थिर राजनीतिक परिदृश्य के कारण उत्पन्न स्थिति के बीच हो रही है। यूएई के राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि व्यापार और निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा पहलों पर भारतीय नेतृत्व के साथ वार्ता होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान चर्चा होने की संभावना है।

सत्ता संभालने के बाद से नाहयान की यह भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा है, जबकि गत 10 वर्षों में यह उनकी पांचवीं यात्रा है। गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र की दो प्रमुख शक्तियों यूएई और सऊदी अरब के बीच मतभेद हाल के दिनों में खुलकर सामने आए हैं, खासकर दक्षिणी यमन को लेकर। सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि यूएई वहां अलग दक्षिणी राज्य की मांग कर रहे अलगाववादी समूहों का समर्थन कर रहा है। दोनों देश उत्तरी यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बने अरब गठबंधन का हिस्सा रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे तेल-समृद्ध दक्षिणी यमन क्षेत्र और रणनीतिक रेड सी कॉरिडोर व बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर प्रभाव बढ़ाने की होड़ चलती रही है।

दिसंबर 2025 में दक्षिणी यमन में तेज सैन्य और राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिले, जहां अलग दक्षिणी राज्य की मांग तेज हुई। इसके बाद सऊदी अरब ने क्षेत्र में हवाई हमले तेज किए और यूएई पर अलगाववाद को समर्थन देने का आरोप लगाया। यूएई ने तेजी से क्षेत्र से अपने कदम पीछे खींच लिए, जबकि रियाद ने तुर्की, पाकिस्तान, कतर और मिस्र के साथ एक नया समूह बनाकर अपनी स्थिति मजबूत की।

ऐसे भू-राजनीतिक परिदृश्य में यूएई का भारत की ओर रुख करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नई दिल्ली को एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखा जाता है।  

 

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