हिंदू युवक से मोहब्बत में मुस्लिम युवती ने किया धर्म परिवर्तन, मिस्बा अहमद बनी मनीषा

लुधियान  कहते हैं कि मोहब्बत न तो जाति देखती है और न ही धर्म। सच्ची मोहब्बत करने वाले सामाजिक और परिवार की बेड़ियों को भी तोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही मामला यूपी के अलीगढ़ से सामने आया है। यहां पंजाब के लुधियाना की एक युवती ने अलीगढ़ के हिंदू युवक की मोहब्बत में अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। मिस्बा अहमद से मनीषा बनी युवती ने अलीगढ़ में अपने धर्म परिवर्तन का प्रार्थना पत्र दिया है। मामला जिले में उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया पहला केस है। पंजाब के लुधियान आजाद

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 16, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

लुधियान 
कहते हैं कि मोहब्बत न तो जाति देखती है और न ही धर्म। सच्ची मोहब्बत करने वाले सामाजिक और परिवार की बेड़ियों को भी तोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही मामला यूपी के अलीगढ़ से सामने आया है। यहां पंजाब के लुधियाना की एक युवती ने अलीगढ़ के हिंदू युवक की मोहब्बत में अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। मिस्बा अहमद से मनीषा बनी युवती ने अलीगढ़ में अपने धर्म परिवर्तन का प्रार्थना पत्र दिया है। मामला जिले में उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया पहला केस है।

पंजाब के लुधियान आजाद नगर खन्ना निवासी मिस्बा अहमद ने एक धर्म से दूसरे धर्म में आशायित संपरिवर्तन के संबंध में यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र प्रशासन को दिया है। जिसमें मिस्बा ने स्वेच्छा से मुस्लिम से हिन्दू धर्म परिवर्तन करने की जानकारी दी गई है। युवती ने पिछले दिनों हिन्दू धर्म में वापिसी का शपथ पत्र दिया और प्रयागराज में एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर धर्म परिवर्तन भी कर लिया। मिस्बा अब मनीषा के नाम से पहचानी जाएगी। टप्पल निवासी युवक की मोहब्बत में मिस्बा ने ऐसा किया। टप्पल के गांव बैना निवासी युवक के परिजन धर्म परिवर्तन के साक्षी बने। अब धर्म परिवर्तन को विधिवत रजिस्टर्ड किया जाएगा। प्रशासन इस मामले की कार्रवाई में तैयारी शुरू कर दी है।
2020 में लागू हुआ था अधिनियम

यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 27 नवंबर 2020 को उत्तर प्रदेश में लागू हुआ था। अधिनियम के तहत जबरन धर्म परिवर्तन करने वालों पर सख्त कार्यवाही का भी प्रावधान है।
धर्म परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया

नोटरीकृत हलफनामा तैयार किया जाता है जिसमें नाम, पुराना पता, पुराना धर्म, और नया धर्म दर्ज हो। धर्म परिवर्तन केवल अपनी मर्जी से होना चाहिए। लालच, जबरदस्ती, या विवाह के बहाने (केवल शादी के लिए) किया गया धर्मांतरण गैरकानूनी है। यदि प्रशासन को लगता है कि जबरन धर्म परिवर्तन हुआ है, तो पुलिस जांच की जा सकती है। जबरन या अवैध तरीके से धर्मांतरण के मामलों में 1 से 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
एक सप्ताह पहले संभल में युवती ने बदला था धर्म

एक सप्ताह पहले संभल में इसी तरह का मामला सामने आया था। यहां एक युवती हिंदू प्रेमी के लिए घर वालों से बाग बन गई थी। परिवार वालों की मर्जी न होने के बाद उसने धर्म परिवर्तन करके हिंदू युवक से शादी कर ली थी। यही नहीं उसने अपना नाम भी बदल लिया था। हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के नवाड़ा गांव निवासी समरीन और अंकित एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। शादी करने के लिए तैयार नहीं हुए तो 27 जनवरी को समरीन घर छोड़कर अंकित के घर पहुंची और उसके साथ रहने की इच्छा जताई। समरीन के घर से जाने पर उसकी मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और अदालत में पेश किया। अदालत में दोनों ने खुद को बालिग बताया। समरीन ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी इच्छा से अंकित के साथ रहना और विवाह करना चाहती है। 2 फरवरी को बयान दर्ज होने के बाद सीडब्ल्यूसी ने युवती को अंकित के सुपुर्द करने का आदेश दिया। सीडब्ल्यूसी के आदेश के बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। विवाह के उपरांत समरीन ने हिंदू धर्म अपनाते हुए अपना नाम रूही रख लिया। अंकित के परिवार ने उसे स्वीकार कर लिया है।

Leave a Comment

2