जहां प्रवाहित की गई थीं अटल जी की अस्थियां, उसी रामघाट पर स्थापित हुई प्रतिमा

मढ़ौरा (सारण) भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी एक खास याद अब बिहार के सारण जिले के मांझी में स्थायी पहचान बनने जा रही है। सरयू नदी के रामघाट पर उसी जगह अटल जी की प्रतिमा स्थापित कराई गई है, जहां उनकी अस्थियां प्रवाहित की गई थीं। महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने इस स्थल पर उनकी प्रतिमा स्थापित कराने का संकल्प लिया था, जो अब पूरा हो गया है। 12 नवंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रतिमा का अनावरण करेंगे। लेकिन इस आयोजन की खास बात सिर्फ प्रतिमा नहीं है। यहां श्रीराम अटल छठ घाट

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Published On :

नवम्बर 8, 2026

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मढ़ौरा (सारण)
भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी एक खास याद अब बिहार के सारण जिले के मांझी में स्थायी पहचान बनने जा रही है। सरयू नदी के रामघाट पर उसी जगह अटल जी की प्रतिमा स्थापित कराई गई है, जहां उनकी अस्थियां प्रवाहित की गई थीं। महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने इस स्थल पर उनकी प्रतिमा स्थापित कराने का संकल्प लिया था, जो अब पूरा हो गया है।

12 नवंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रतिमा का अनावरण करेंगे। लेकिन इस आयोजन की खास बात सिर्फ प्रतिमा नहीं है। यहां श्रीराम अटल छठ घाट और अटल वाटिका भी विकसित की गई है। अब इस पूरे परिसर को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने की तैयारी है।

जिस जगह से जुड़ी है अटल जी की आखिरी याद, वहीं बनेगा स्मारक
अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद देश की विभिन्न नदियों और पवित्र स्थलों पर उनकी अस्थियां प्रवाहित की गई थीं। इसी क्रम में एक अस्थि कलश मांझी के रामघाट भी पहुंचा था। सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल की इच्छा थी कि अटल जी की अस्थियां सरयू नदी में भी प्रवाहित हों।

सांसद ने बताया कि अस्थि विसर्जन के दिन ही उनके मन में इसी स्थल पर अटल जी की प्रतिमा स्थापित कराने का विचार आया था। उन्होंने संकल्प लिया कि जिस जगह से अटल जी की यादें जुड़ी हैं, वहां उनकी प्रतिमा लगाई जाएगी। अब यह संकल्प पूरा हो गया है।

सिर्फ प्रतिमा नहीं, बनेगा पूरा अटल परिसर
रामघाट पर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के साथ श्रीराम अटल छठ घाट और अटल वाटिका का भी निर्माण कराया गया है। परिसर में हाईमास्ट लाइट लगाई गई है, ताकि रात में भी यहां रोशनी और बेहतर व्यवस्था रहे।

आयोजन स्थल को मधुबनी पेंटिंग से सजाने की तैयारी है। इससे परिसर को स्थानीय कला और संस्कृति से भी जोड़ा जाएगा। इस तरह रामघाट को सिर्फ एक प्रतिमा स्थल नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान वाले परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है।

12 नवंबर को CM सम्राट चौधरी करेंगे अनावरण
अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण 12 नवंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की संभावना है। इसके लिए रामघाट पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने बनियापुर विधायक केदारनाथ सिंह और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। इस दौरान तैयारियों को लेकर बैठक भी की गई।

नई पीढ़ी को अटल जी के विचारों से जोड़ने की पहल
सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि प्रतिमा स्थापित कराने का उद्देश्य केवल अटल जी की स्मृति को संजोना नहीं है, बल्कि उनकी विचारधारा, व्यक्तित्व और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।

उनका मानना है कि रामघाट पर आने वाले लोग अटल जी के जीवन और उनके योगदान को याद कर सकेंगे। इसी सोच के साथ प्रतिमा के अलावा वाटिका और छठ घाट का भी निर्माण कराया गया है।

धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा रामघाट
सरयू नदी का तट धार्मिक दृष्टि से पहले से ही महत्वपूर्ण है। अब अटल वाटिका, श्रीराम अटल छठ घाट और पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा स्थापित होने के बाद इस क्षेत्र को पर्यटन के नक्शे पर भी नई पहचान दिलाने की योजना है।

स्थानीय स्तर पर उम्मीद है कि इस पहल से रामघाट पर लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और आसपास के क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। 12 नवंबर का अनावरण कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है।

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