‘बॉस-मैम’ बोलने और नजरें झुकाने का फरमान! NMCH में रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई, सीनियर बैच निलंबित

 पटना सिटी  नालंदा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस वर्ष 2026 में नामांकित छात्र-छात्राओं के साथ वर्ष 2025 के विद्यार्थियों द्वारा तथाकथित रैगिंग किए जाने के आरोप में पूरे बैच को तीन महीनों के लिए कक्षा से निलंबित करने का मामला तूल पकड़ लिया है। इस मामले में कॉलेज के छात्रावास में रहने वाली वर्ष 2023-24 की छात्राओं पर भी कार्रवाई की गई है। आरोप के घेरे में आए सभी विद्यार्थियों को 24 घंटे में छात्रावास खाली करने का भी आदेश दिया गया है। इस फैसले के खिलाफ बुधवार को कॉलेज में गहमा-गहमी बढ़ी रही। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी), ऑल इंडिया एंटी

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Published On :

अक्टूबर 28, 2026

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 पटना सिटी

 नालंदा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस वर्ष 2026 में नामांकित छात्र-छात्राओं के साथ वर्ष 2025 के विद्यार्थियों द्वारा तथाकथित रैगिंग किए जाने के आरोप में पूरे बैच को तीन महीनों के लिए कक्षा से निलंबित करने का मामला तूल पकड़ लिया है।

इस मामले में कॉलेज के छात्रावास में रहने वाली वर्ष 2023-24 की छात्राओं पर भी कार्रवाई की गई है। आरोप के घेरे में आए सभी विद्यार्थियों को 24 घंटे में छात्रावास खाली करने का भी आदेश दिया गया है। इस फैसले के खिलाफ बुधवार को कॉलेज में गहमा-गहमी बढ़ी रही।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी), ऑल इंडिया एंटी रैगिंग कमेटी और बिहार ग्रीवांस सेल तक पहुंचे रूलबुक-2026 के पीडीएफ में सीनियर छात्र-छात्राओं को बास-मैम कह कर संबोधित करने, उनके सामने विशेष मुद्रा में खड़े रहने, उनकी आंखों में सीधे नहीं देखने, सीनियर और शिक्षकों से बहस न करने जैसे निर्देश शामिल हैं।

राष्ट्रीय आयोग ने इन अहम सवालों पर स्पष्टीकरण मांगा

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने रूलबुक-2026 के पीडीएफ की जांच कराने, पीडीएफ कॉलेज परिसर, छात्रावास, विद्यार्थियों के समूह या अन्य माध्यमों से प्रसारित हुई, यदि हां तो डीडीएफ के निर्माण एवं प्रसार के स्रोत की जांच की जाए।

कॉलेज में रैगिंग रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की गयी, एंटी रैगिंग स्क्वाड, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को रैगिंग के विरुद्ध जागरूक करने के लिए क्या कदम उठाए गए, अब तक कॉलेज को रैगिंग की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई, उन पर क्या कार्रवाई की गई, शिकायत करने वाले विद्यार्थी की पहचान गोपनीय रखी जाए, किसी भी प्रकार के प्रतिरोध या उत्पीड़न से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

प्राचार्य और तीन विभाग के शिक्षकों का फोटो। वर्ष 2025 बैच के सभी विद्यार्थियों के नाम। छात्र और छात्रा के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड। एप्रन संबंधित गाइडलाइन। पंद्रह गोल्डन रूल्स। प्रणाम बॉस-मैन कहते हुए अपना परिचय देने का हिंदी में फॉर्मेट। डॉक्टर सैम की तरह अच्छा व्यवहार करने का उल्लेख है। अंत में ऑल द बेस्ट 2025 बैच लिखा है।
आज छात्राओं और कल छात्रों का पक्ष सुनेगा कॉलेज प्रशासन

नालंदा मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. उषा कुमारी ने बुधवार को बताया कि सामने आई रैगिंग से जुड़ी शिकायतों के आलोक में गुरुवार को वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 की छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।

शुक्रवार को आरोपित बैच 2025 के सभी छात्रों को बुलाया गया है। सभी का पक्ष सुनने के बाद प्राप्त शिकायतों की सत्यता की जांच करते हुए सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी बेकसूर विद्यार्थी को किसी तरह का नुकसान न हो।

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