गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम, 252 संस्थाओं की मॉनिटरिंग अब मोबाइल ऐप से होगी

क्वालिटी ऑडिट मोबाइल ऐप : संस्थाओं की गुणवत्ता सुधार की नई डिजिटल पहल मध्यप्रदेश में 252 सामाजिक संस्थाओं की निगरानी अब मोबाइल ऐप से भोपाल  मध्यप्रदेश में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल के रूप में क्वालिटी ऑडिट मोबाइल एप लागू किया गया है। यह पहल डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच को आगे बढ़ाती है। साथ ही विभागीय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों ने इस व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी रूप से स्थापित किया है।

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Published On :

मई 20, 2026

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क्वालिटी ऑडिट मोबाइल ऐप : संस्थाओं की गुणवत्ता सुधार की नई डिजिटल पहल

मध्यप्रदेश में 252 सामाजिक संस्थाओं की निगरानी अब मोबाइल ऐप से

भोपाल 

मध्यप्रदेश में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल के रूप में क्वालिटी ऑडिट मोबाइल एप लागू किया गया है। यह पहल डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच को आगे बढ़ाती है। साथ ही विभागीय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों ने इस व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी रूप से स्थापित किया है।

प्रदेश में संचालित शासकीय एवं अशासकीय संस्थाएं जैसे दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र, वृद्धाश्रम, दिव्यांगजनों के संचालित विशेष विद्यालय और नशा मुक्ति केंद्र समाज के कमजोर वर्गों को आश्रय और सेवाएं प्रदान करते हैं। वर्तमान में 252 संस्थाओं के सुचारू संचालन और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया गया है। एमपीएसईडीसी के सहयोग से विकसित यह मोबाइल ऐप निरीक्षण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाता है।

इस ऐप की कार्यप्रणाली एक व्यवस्थित प्रक्रिया पर आधारित है, जिसकी शुरुआत जिला अधिकारी द्वारा विभागीय पोर्टल पर लॉगइन करने से होती है। इसके बाद स्थानीय निकाय में पदस्थ सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को पोर्टल पर पंजीकृत कर यूजर आईडी प्रदान की जाती है, जो उन्हें एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होती है। निरीक्षण कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए निरीक्षण दल का गठन किया जाता है और उसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाती है।

अगले चरण में संबंधित संस्था का चयन कर सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को निरीक्षण के लिए असाइन किया जाता है। अधिकारी मोबाइल ऐप डाउनलोड कर आवश्यक अनुमतियां प्रदान करते हैं तथा लोकेशन ऑन कर लॉगइन करते हैं। इसके बाद जिस संस्था का निरीक्षण किया जाना है, उसका चयन कर निरीक्षण प्रक्रिया प्रारंभ होती है।

निरीक्षण के दौरान मोबाइल ऐप के माध्यम से संस्था के न्यूनतम 5 फोटो लिए जाते हैं, जिनके साथ विस्तृत विवरण और रिमार्क दर्ज किए जाते हैं। ऐप में निर्धारित प्रश्नों के उत्तर संस्था की वास्तविक स्थिति के आधार पर भरे जाते हैं, जिससे मूल्यांकन निष्पक्ष और तथ्यात्मक बनता है। निरीक्षण के आधार पर अंत में संस्था को ग्रेडिंग प्रदान की जाती है और रिपोर्ट को सबमिट कर निरीक्षण पूर्ण किया जाता है।

पूरी प्रक्रिया के बाद निरीक्षण रिपोर्ट संचालनालय और जिला स्तर पर ऑनलाइन उपलब्ध हो जाती है। जिला अधिकारी इन रिपोर्टों और ग्रेडिंग का परीक्षण कर संस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करते हैं। इससे न केवल निगरानी व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि संस्थाओं के संचालन में निरंतर सुधार भी देखने को मिलता है।

राज्य शासन इन संस्थाओं में रहने वाले दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरतमंदों को बेहतर जीवन स्तर, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित कर रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुदान राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने में भी यह एप महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कुल मिलाकर, यह मोबाइल ऐप मध्यप्रदेश में सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए एक आधुनिक और प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में उभरा है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से शासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सेवा प्रदायगी में पारदर्शिता बनी रहे और प्रत्येक हितग्राही तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं पहुंचें। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार का उदाहरण है, बल्कि संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम भी है। 

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