बिहार में खतरनाक ‘कोटा’ हेरोइन का बढ़ा नेटवर्क, साबुन-माचिस की डिब्बी में हो रही तस्करी

पटना ड्रग्स तस्करी के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट ने सिर्फ रूट ही नहीं बदला है, बल्कि हेरोइन की हाई क्वालिटी तैयार कर उसका स्वरूप भी बदल दिया है, जिसे 'कोटा' (हेरोइन) के नाम से जाना जाता है। सरसों के दाने की तरह दिखने वाले 'कोटा' (हेरोइन) की तस्करी भी साबुन और माचिस की डिब्बी में रखकर ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है। पहले बिहार एसटीएफ के हाथ 'कोटा' (हेरोइन) लगा था, जिसकी मात्रा कम थी, लेकिन इसका असर बेहद खतरनाक बताया गया। इसका दिमाग और शरीर पर बहुत घातक प्रभाव पड़ता है। बिहार पुलिस कुछ दिन पहले इसका एक वीडियो क्लिप बनाकर

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सितम्बर 8, 2026

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पटना
ड्रग्स तस्करी के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट ने सिर्फ रूट ही नहीं बदला है, बल्कि हेरोइन की हाई क्वालिटी तैयार कर उसका स्वरूप भी बदल दिया है, जिसे 'कोटा' (हेरोइन) के नाम से जाना जाता है।

सरसों के दाने की तरह दिखने वाले 'कोटा' (हेरोइन) की तस्करी भी साबुन और माचिस की डिब्बी में रखकर ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है। पहले बिहार एसटीएफ के हाथ 'कोटा' (हेरोइन) लगा था, जिसकी मात्रा कम थी, लेकिन इसका असर बेहद खतरनाक बताया गया। इसका दिमाग और शरीर पर बहुत घातक प्रभाव पड़ता है।

बिहार पुलिस कुछ दिन पहले इसका एक वीडियो क्लिप बनाकर इंटरनेट मीडिया पर अपलोड कर लोगों को जागरूक भी किया था। एसटीएफ 'कोटा' (हेरोइन) बरामदगी मामले में अब तक 27 केस दर्ज करा चुकी है और 71 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें 15 महिलाएं शामिल थीं।

बिहार पुलिस ने अपील की कि आपके पास नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी या सेवन से संबंधित कोई सूचना है, तो तुरंत 1933 पर काल करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। नशीले पदार्थों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है, जिसके खिलाफ बिहार पुलिस और एसटीएफ लगातार बड़े स्तर पर छापेमारी कर रही हैं।

कुछ दिन पूर्व बरौनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बने नए फुटओवर ब्रिज के नीचे से पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 118 ग्राम कोटा हेरोइन बरामद की गई है। यह हेरोइन बिहार या उसके आसपास के राज्यों से नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड से लाई गई थी।

उन्हें यह मादक पदार्थ नागालैंड के ज्यूरक शहर के रहने वाले एक तस्कर ने सप्लाई किया था। चारों आरोपित कविगुरु एक्सप्रेस ट्रेन से सफर तय कर असम के कामाख्या से होते हुए बरौनी स्टेशन पहुंचे थे। इसी तरह मुजफ्फरपुर के कच्ची पक्की ओपी क्षेत्र में पुलिस ने घर में चल रहे रैकेट का भंडाफोड़ किया था।

वहां से 25 ग्राम अवैध 'कोटा' हेरोइन की 64 पुड़िया बरामद कर एक तस्कर दंपती को गिरफ्तार किया था। बख्तियारपुर में एसटीएफ और पटना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में सौ ग्राम हेरोइन के साथ चार तस्करों को दबोचा था।

इसे आठ साबुनदानीनुमा डिब्बों में रखा गया था। इसी तरह नदी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक घर से 162 ग्राम 'कोटा' (हेरोइन) और पैकिंग के 1,500 खाली डिब्बे जब्त किए गए थे।

छिपाने के लिए अपना रहे शातिराना तरीका
चेकिंग से बचने के लिए हेरोइन छिपाने का बेहद शातिराना तरीका अपना रहे हैं। बरौनी से गिरफ्तार दोनों महिलाओं ने हेरोइन से भरे प्लास्टिक के डिब्बों को अपने ब्लाउज के अंदर छिपा रखा था।

दो अन्य तस्करों ने हेरोइन के पैकेटों को अपनी पैंट की जेब और पिठ्ठू बैग व प्लास्टिक के झोले में छिपा रखा था। तस्करी के दौरान किसी को संदेह नहीं हो, इसके लिए इसे सरसों के दाने की तरह तैयार कर कैरियर के जरिए तय ठिकाने पर भेजा जा रहा है।

असम के दीमापुर और मणिपुर से पहुंच रही खेप
सूत्रों की मानें तो पुलिस की छानबीन में सिंडिकेट से लेकर चेन से जुड़े कई राज उजागर हुए। स्थानीय लोगों को कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर बस या ट्रेन से उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों में बुला रहे हैं।

असम के दीमापुर और मणिपुर के इम्फाल जैसे पूर्वोत्तर राज्यों से हेरोइन/कोटा की खेप लाकर बिहार के अलग-अलग जिलों में सप्लाई कर रहे हैं। नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के रास्ते चरस और अन्य ड्रग्स को बिहार के बाहर भी तस्करी की जा रही है।

डेढ़ वर्ष में 17 किलोग्राम से अधिक हेरोइन/स्मैक बरामद
एसटीएफ और उसकी नार्कोटिक्स सेल की टीम ने वर्ष 2025 में अप्रैल से दिसंबर तक 7.662 किलोग्राम हेरोइन और 4.215 किलोग्राम स्मैक जब्त किया गया।

इसी तरह वर्ष 2026 में जनवरी से आठ अगस्त तक 5.724 किलोग्राम हेरोइन/स्मैक बरामद किया गया। एसटीएफ का अभियान जारी है और लगातार किसी न किसी क्षेत्र में मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तारी की जा रही है।

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