मध्यप्रदेश में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई, शहर और गांव में खत्म होगा भेदभाव, समान नियम होंगे लागू

 भोपाल  मध्यप्रदेश में अब शहर और गांव की कॉलोनियों में कोई भेदभाव नहीं होगा, जिनमें एक समान नियम लागू होंगे। नगरीय सीमा से 16 किलोमीटर का क्षेत्र मध्यप्रदेश कॉलोनी एकीकृत अधिनियम-2026 में शामिल होगा। इससे पंचायतों में भी वही नियम लागू होंगे, जो अभी नगरीय निकायों में होते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में कटने वाली अवैध कॉलोनियों पर रोक लग सकेगी। पांच साल की तय अवधि में कॉलोनी विकसित होने के बाद 45 दिन में कार्यपूर्ति प्रमाण-पत्र मिल जाएगा, जिससे डीम्ड परमिशन (स्वत: मंजूर) की व्यवस्था लागू मानी जाएगी। यह जानकारी भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय शहरी प्रबंधन संस्थान

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Published On :

अप्रैल 20, 2026

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 भोपाल
 मध्यप्रदेश में अब शहर और गांव की कॉलोनियों में कोई भेदभाव नहीं होगा, जिनमें एक समान नियम लागू होंगे। नगरीय सीमा से 16 किलोमीटर का क्षेत्र मध्यप्रदेश कॉलोनी एकीकृत अधिनियम-2026 में शामिल होगा। इससे पंचायतों में भी वही नियम लागू होंगे, जो अभी नगरीय निकायों में होते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में कटने वाली अवैध कॉलोनियों पर रोक लग सकेगी। पांच साल की तय अवधि में कॉलोनी विकसित होने के बाद 45 दिन में कार्यपूर्ति प्रमाण-पत्र मिल जाएगा, जिससे डीम्ड परमिशन (स्वत: मंजूर) की व्यवस्था लागू मानी जाएगी।

यह जानकारी भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय शहरी प्रबंधन संस्थान में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश के नगरीय निकायों के सेमिनार में अधिकारियों ने दी है। उन्होंने साफ किया है कि नया कानून लागू होते ही अवैध कॉलोनाइजरों पर सख्ती शुरू हो जाएगी।

नए प्रावधान में सजा भी शामिल
जानकारी के अनुसार नए प्रविधान के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले अब आसानी से नहीं बच पाएंगे। इसके तहत सजा को सात साल से बढ़ाकर 10 साल तक की कैद और दो करोड़ रुपये तक जुर्माना करने की तैयारी है। नया कानून लागू होते ही 10 लाख जुर्माना भरकर बचने वाले बिल्डरों के लिए रास्ता बंद हो जाएगा और दो करोड़ की मोटी राशि जमा करनी होगी।

सरकार ने यह भी तय किया है कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई तय समयसीमा में की जाएगी। इस नियम के तहत अवैध कॉलोनी का पता चलने पर तीन चरणों में प्रशासन कार्रवाई करेगा। इसमें पहला 15 दिन के अंदर नोटिस जारी होगा और संबंधित को खुद निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन अगले 15 दिन में खुद अतिक्रमण हटाएगा और जमीन जब्त कर लेगा।

शहर व गांव के लिए मिलेगा एक ही लाइसेंस
नये कानून में ईमानदार बिल्डरों को राहत देने की तैयारी है। एक ही लाइसेंस से शहर और गांव दोनों में कालोनी विकसित की जा सकेगी। पांच साल में विकास पूरा होने पर 45 दिन में कंप्लीशन सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होगा। देरी होने पर स्वत: अनुमति लागू मानी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारों में भी बड़ा बदलाव होगा। नगर निगम क्षेत्रों में आयुक्त और अन्य क्षेत्रों में कलेक्टर को सीधे कार्रवाई का अधिकार मिलेगा। जरूरत पड़ने पर एसडीएम को भी अधिकृत किया जा सकेगा। दावा है कि इस कानून के बाद अवैध कालोनियों का नेटवर्क तोड़ा जाएगा और जवाबदेही तय होगी।

इनका कहना है
    दो दिवसीय प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश कॉलोनी एकीकृत अधिनियम 2026 को लेकर चर्चा हुई है। जिस पर अभी शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है, जैसे निर्देश मिलेंगे उसके आधार पर कार्य किया जाएगा- संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग।

 

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