पंजाब सदन में कांग्रेस विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी पर जमकर हंगामा

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के शून्य काल के दौरान एक बार फिर से हंगामा हो गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा का एक इंटरनेट मीडिया पर दिया गया बयान पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने कहा कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी। हरपाल चीमा ने इस अनुसूचित जाति समुदाय की बहू, बेटियों का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस की नेताओं की हर समय यही बयानबाजी रहती है। कभी यह किसी को काला कह देते हैं तो कभी किसी को बैंड बाजे बजाने वाला, इन्हें मानसिक तौर पर स्वास्थ्य लाभ

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Published On :

मार्च 10, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब विधानसभा के शून्य काल के दौरान एक बार फिर से हंगामा हो गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा का एक इंटरनेट मीडिया पर दिया गया बयान पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने कहा कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी।

हरपाल चीमा ने इस अनुसूचित जाति समुदाय की बहू, बेटियों का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस की नेताओं की हर समय यही बयानबाजी रहती है। कभी यह किसी को काला कह देते हैं तो कभी किसी को बैंड बाजे बजाने वाला, इन्हें मानसिक तौर पर स्वास्थ्य लाभ लेने की जरूरत है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा का यह बयान नहीं देखा है लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं और इस बात को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

'ये शब्दावली नहीं करेंगे बर्दाश्त'
उन्होंने हरपाल चीमा की ओर से कांग्रेसी नेताओं की ओर से अनुसूचित जाति के प्रति बरती गई शब्दावली को लेकर भी कहा कि जिन लोगों की वित्त मंत्री ने बात की है वह इस सदन का हिस्सा नहीं है और वह अपनी बात कई बार स्पष्ट भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही बूटा सिंह जैसे नेताओं को केंद्र सरकार में गृहमंत्री बनाया है इसलिए उनके प्रति सम्मान में कोई कमी नहीं है। इसलिए बार-बार उसे तरफ जाना ठीक नहीं है।

माफी योग्य नहीं है बयान: सरबजीत कौर
प्रताप सिंह बाजवा के माफी मांगने के बाद ऐसा लग रहा था की बात यहीं खत्म हो जाएगी। लेकिन आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत मान और सरबजीत कौर अपनी सीटों पर खड़े होकर सुखपाल सिंह खैहरा के बयान का विरोध करने लगी और उन्होंने कहा कि बेशक प्रताप सिंह बाजवा ने इसकी माफी मांग ली हो लेकिन उनका यह बयान माफी योग्य नहीं है इसे लोगों में लेकर जाया जाएगा साथ ही उन्होंने खेहरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। मसला बढ़ते देखकर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए मुल्तवी कर दी।

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