उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सभी दलों ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की शिकारपुर (विधानसभा संख्या 69) सीट पर चुनावी मुकाबला बेहद रोमांचक होने के आसार हैं

बीजेपी के विधायक अनिल कुमार ने 2017 और 2022 में लगातार जीत दर्ज कर यहां पार्टी का दबदबा कायम किया है

समाजवादी पार्टी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) समीकरणों के सहारे इस सीट पर वापसी के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है

बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी अपने पारंपरिक कैडर वोटों और सामाजिक समीकरणों के दम पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की जुगत में है

शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 84 प्रतिशत ग्रामीण आबादी है, जहां खेती-किसानी से जुड़े मुद्दे चुनावी हार-जीत तय करते हैं

शिकारपुर-अनूपशहर मार्ग सहित कई ग्रामीण संपर्क मार्गों की खस्ताहाल स्थिति स्थानीय मतदाताओं का एक बड़ा मुद्दा है

खेती की लागत, पर्याप्त बिजली और आवारा पशुओं से फसलों को होने वाला नुकसान किसानों के लिए मुख्य चिंताएं हैं

बीजेपी सरकार के विकास कार्यों के दावों के बीच जल निकासी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी स्थानीय समस्याएं भी चर्चा के केंद्र में हैं

पिछले चुनाव परिणामों और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए 2027 में यहां कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है