शिवपुर में किसका चलेगा सिक्का? BJP-SBSP की दावेदारी के बीच सपा ने बदली रणनीति–

वाराणसी की शिवपुर विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है और बीजेपी-सुभासपा की दावेदारी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है

2022 के चुनाव में बीजेपी के अनिल राजभर ने सुभासपा के अरविंद राजभर को हराया था, लेकिन 2027 में बदले समीकरण नई चुनावी तस्वीर पेश कर सकते हैं

शिवपुर में समाजवादी पार्टी भी अपनी सक्रियता बढ़ा रही है और नए सामाजिक समीकरणों के सहारे बीजेपी के सामने मजबूत चुनौती पेश करने की तैयारी में है

शिवपुर विधानसभा सीट का मौजूदा स्वरूप परिसीमन के बाद 2012 में सामने आया था और क्षेत्र में ग्रामीण-शहरी आबादी का मिश्रण चुनावी गणित को खास बनाता है

बीजेपी के लिए शिवपुर में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना चुनौती होगी, जबकि सपा, सुभासपा और बसपा अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में हैं

जातीय समीकरण, स्थानीय विकास, रोजगार और क्षेत्रीय मुद्दे 2027 के चुनाव में मतदाताओं के बीच अहम भूमिका निभा सकते हैं और पार्टियों की रणनीति इन्हीं पर केंद्रित रहेगी

शिवपुर सीट का चुनाव सिर्फ स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वाराणसी की राजनीतिक तस्वीर और 2029 के लोकसभा चुनाव के समीकरणों पर भी नजर रहेगी

ऐसे में 2027 की चुनावी जंग में कौन सा दल अपने समीकरण को सबसे मजबूत करता है और शिवपुर की जनता किसे मौका देती है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा