Punjab News: पंजाब में अब मानसून का दौर धीरे-धीरे समाप्ति की ओर आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य से मानसून की विदाई के लिए पूरी तरह से अनुकूल मौसम परिस्थितियां बन चुकी हैं। वर्तमान में मानसून की वापसी की रेखा पटियाला और गुरदासपुर के आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब और चंडीगढ़ से भी मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा।
मंगलवार, 22 सितंबर को पंजाब के तमाम जिलों में मौसम मुख्य रूप से पूरी तरह साफ और शुष्क बना रहने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य में बारिश होने की कोई भी संभावना नहीं जताई गई है। इसके अलावा, मौसम विभाग द्वारा आगामी 22 सितंबर से 28 सितंबर तक के जारी पूर्वानुमान में पंजाब के लिए किसी भी प्रकार की कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे लोगों को फिलहाल राहत मिलती दिख रही है।
Punjab News: 4 दिन नहीं होगा सरकारी कामकाज! पंजाब में लंबी छुट्टियों का मौका
तापमान में हल्की बढ़ोतरी और गर्मी का असर

मानसून की विदाई के साथ ही राज्य के तापमान में भी हल्का बदलाव दर्ज किया गया है। बादलों के हटने और धूप निकलने से राज्य के अधिकतम तापमान में करीब 0.4 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, राहत की बात यह है कि तापमान अभी भी सामान्य के आसपास ही बना हुआ है। मंगलवार को पटियाला में राज्य का सबसे अधिक 35.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जिससे हल्की गर्मी का अहसास हुआ।
पिछले 12 वर्षों में सबसे कमजोर रहा मानसून सीजन

इस बार पंजाब में मानसून ने लोगों को काफी निराश किया और उम्मीद के मुताबिक बारिश दर्ज नहीं की गई।
आंकड़ों की स्थिति: 1 जून से लेकर अब तक पूरे राज्य में मात्र 267.8 मिमी बारिश ही दर्ज हो पाई है।
सामान्य बारिश: जबकि सामान्य तौर पर इस तय अवधि में राज्य में 419.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी।
कमी का प्रतिशत: इस हिसाब से इस बार मानसून सीजन में सामान्य से करीब 36 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में पंजाब में यह सबसे कम बारिश का रिकॉर्ड है। इस साल मानसून ने काफी देरी से 1 जुलाई को राज्य में दस्तक दी थी और लगभग 82 दिनों के सक्रिय सफर के बाद अब इसकी वापसी का दौर शुरू हो गया है।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने बदला मौसम का मिजाज

पंजाब में इस समय बारिश की गतिविधियां पूरी तरह से कमजोर पड़ने की एक मुख्य वजह उत्तर-पश्चिमी हवाओं का चलना भी है। इन शुष्क हवाओं के प्रभाव से वातावरण में नमी लगातार घट रही है, जिसके चलते बादलों के बरसने के लिए कोई भी अनुकूल परिस्थिति नहीं बन पा रही है।
दूसरी तरफ, बंगाल की खाड़ी के पास बना एक डीप डिप्रेशन लगातार आगे बढ़ रहा है, जिसके कारण देश के मध्य भारत के हिस्सों में बारिश का दौर अभी भी जारी रह सकता है। हालांकि, इस मौसमी सिस्टम का पंजाब पर फिलहाल कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है और राज्य में आगामी दिनों तक मौसम के पूरी तरह शुष्क बने रहने की संभावना है।
Punjab News: बिजली बिल देखकर उड़े होश! पंजाब में लोगों की बढ़ी चिंता










