Bhiwandi Building Collapse: महराष्ट्र के भिवंड़ी शहर में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। गंगारामवाड़ी इलाके में कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले में निजामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की शिकायत के आधार पर अब बिल्डिंग मालिक और मरम्मत कार्य करने वाले ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बिल्डिंग मालिक बिलाल अहमद अबूबकर खान और रिपेयरिंग का काम करने वाले कॉन्ट्रैक्टर अशोक को आरोपी बनाया है। दोनों के खिलाफ बिना अनुमति निर्माण कार्य करने, लापरवाही बरतने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगाए गए हैं।
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बिना मंजूरी निर्माण और घटिया काम के आरोप
जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग मालिक पर आरोप है कि उन्होंने जरूरी सरकारी अनुमति के बिना निर्माण कार्य कराया और इमारत की मजबूती से जुड़े मानकों का पालन नहीं किया। वहीं, ठेकेदार अशोक पर इमारत के पिलर की मरम्मत के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।
मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग (MRTP) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब हादसे के पीछे की वास्तविक वजहों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
हादसे में गई 10 लोगों की जान, तीन घायल
भिवंडी-निजामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अनधिकृत निर्माण विभाग के प्रभारी असिस्टेंट कमिश्नर फैजल अब्दुल कय्यूम टाटली की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया है।इस हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। मृतकों में क्रिस कुमार (41), रंजीत सिंह (32), मिराज रसूल शेख (34), संतोष कुमार पांडे (42), शमीम अंसारी (30), राकेश पासवान (30), अशोक पासवान (42), मुकेश पासवान (35), श्यामजी मुराहू पाल (48) और राधेश्याम कमलेश कुशवाहा (46) शामिल हैं। वहीं, अभय कुमार यादव (24), दीपक कुमार यादव (25) और संगीता प्रजापति (36) घायल हुए हैं। इनका इलाज अस्पताल में जारी है।
पहले ही खतरनाक घोषित हो चुकी थी इमारत
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा 30 जुलाई की देर रात महाराष्ट्र के भिवंडी जिले के बालाजी नगर क्षेत्र में स्थित चार मंजिला कोहिनूर इमारत में हुआ था। रात करीब 11:30 बजे इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। उस समय वहां मरम्मत का काम चल रहा था। बताया गया कि इस इमारत में कुल 48 कमरे थे और हर मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे। स्थानीय नगर निगम ने पहले ही इस इमारत को खतरनाक घोषित कर दिया था, बावजूद इसके वहां गतिविधियां जारी थीं।
अनधिकृत निर्माण पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध निर्माण को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने भी खतरनाक इमारतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने को लेकर चिंता जताई है। शांतिनगर पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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