9/11 Evidence : 9/11 के 25 साल बाद सामने आया FBI सबूत, अलकायदा-सऊदी कनेक्शन ने बढ़ाई सनसनी

9/11 हमलों की 25वीं बरसी से पहले सामने आई नई जानकारी ने पुराने सवाल फिर जिंदा कर दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक ओमर अल-बायूमी से जुड़ा वीडियो और अन्य सामग्री FBI के पास पहुंची थी, लेकिन कई जांच अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी। क्या ये दस्तावेज अलकायदा-सऊदी कनेक्शन की जांच को नया मोड़ देंगे?

# CG Forest Department Promotion: 18 वन क्षेत्रपालों को ACF पद पर प्रमोशन मिला ## वन विभाग ने 18 रेंजरों को दी पदोन्नति छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने वन विभाग के अधिकारियों को बड़ी प्रशासनिक सौगात दी है। विभाग ने **18 वन क्षेत्रपालों (Forest Rangers)** को पदोन्नत कर **सहायक वन संरक्षक यानी ACF (Assistant Conservator of Forests)** के पद पर नियुक्त करने का फैसला किया है। इस संबंध में विभाग की ओर से **7 सितंबर 2026** को आधिकारिक आदेश जारी किया गया। पदोन्नति के बाद संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी और उन्हें वन प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जाएंगे। ## वन क्षेत्रपाल से सहायक वन संरक्षक बने अधिकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अलग-अलग वन मंडलों में वन क्षेत्रपाल के पद पर कार्यरत अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। लंबे समय से विभागीय जिम्मेदारियां संभाल रहे इन अधिकारियों को अब सहायक वन संरक्षक के रूप में नई जिम्मेदारी दी जाएगी। यह पदोन्नति वन विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए पद पर अधिकारी वन संरक्षण, वन प्रबंधन और विभागीय कार्यों की निगरानी में अहम भूमिका निभाएंगे। ## पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों की सूची जारी वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के आदेश में पदोन्नत किए गए सभी 18 अधिकारियों के नाम भी जारी किए गए हैं। पदोन्नति पाने वालों में **राममूर्ति घघेल, मृत्युंजय शर्मा, जोगेश्वर भट और राजेंद्र कुमार रावत** शामिल हैं। इसके अलावा **कुंवर बहादुर सिंह और अभिषेक कुमार दुबे** को भी वन क्षेत्रपाल के पद से आगे बढ़ाकर सहायक वन संरक्षक बनाया गया है। ## इन अधिकारियों को भी मिला प्रमोशन पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों की सूची में **देव सिंह ठाकुर, निखिल सक्सेना, पुष्पेंद्र चंद्र गोस्वामी और प्रतीक वर्मा** के नाम भी शामिल हैं। वहीं **मनीष सिंह और अनुराग वर्मा** को भी प्रमोशन मिला है। विभागीय आदेश के अनुसार, इन सभी अधिकारियों को अब ACF के पद पर कार्य करना होगा। नई जिम्मेदारी के साथ उनके प्रशासनिक और वन प्रबंधन से जुड़े कार्यों का दायरा भी बढ़ेगा। ## ज्योति गुप्ता समेत चार अधिकारियों को भी पदोन्नति इस पदोन्नति सूची में **ज्योति गुप्ता, तीरथराज साहू, किशोर कुमार साहू और धीरेंद्र साहू** के नाम भी शामिल हैं। विभाग ने इन अधिकारियों को भी वन क्षेत्रपाल के पद से सहायक वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत किया है। वन विभाग के इस आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों की नई पदस्थापना और जिम्मेदारियों को लेकर विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ## सौरभ रजक और ऋषि माधुरी सिंह भी प्रमोट सूची में **सौरभ रजक और ऋषि माधुरी सिंह** के नाम भी शामिल हैं। इस तरह विभाग ने कुल 18 वन क्षेत्रपालों को ACF पद पर पदोन्नत किया है। इन अधिकारियों के प्रमोशन से विभागीय स्तर पर वरिष्ठता और जिम्मेदारियों के क्रम में बदलाव होगा। हालांकि उपलब्ध आदेश संबंधी जानकारी में प्रत्येक अधिकारी की नई पोस्टिंग का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। ## वन प्रशासन में बढ़ेगी अधिकारियों की जिम्मेदारी सहायक वन संरक्षक का पद वन विभाग की प्रशासनिक संरचना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला पद माना जाता है। पदोन्नति के बाद अधिकारियों को वन क्षेत्रों की निगरानी, संरक्षण से जुड़े कार्यों, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और अधीनस्थ कर्मचारियों के कामकाज की देखरेख जैसी जिम्मेदारियां संभालनी पड़ सकती हैं। ऐसे में 18 अधिकारियों की पदोन्नति को विभागीय प्रशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ## 7 सितंबर को जारी हुआ पदोन्नति आदेश 9_11 Evidence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 8, 2026

9/11 Evidence : अमेरिका में हुए 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों को 25 साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन इस भयावह घटना से जुड़ा एक पुराना रहस्य अब एक बार फिर सुर्खियों में है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों के कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी जांच एजेंसियों के हाथ ऐसे वीडियो और दस्तावेज लगे थे, जो एक संदिग्ध व्यक्ति के अल-कायदा तथा सऊदी अधिकारियों से संभावित संबंधों की ओर संकेत करते थे। ये सामग्री लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं हुई।

ओमर अल-बायूमी के संबंधों को लेकर उठे गंभीर सवाल

इस मामले के केंद्र में ओमर अल-बायूमी का नाम सामने आता है। 9/11 पीड़ित परिवारों की ओर से सऊदी अरब के खिलाफ दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि अल-बायूमी के सऊदी सरकारी अधिकारियों से करीबी संपर्क थे। रिपोर्ट के अनुसार, वह अल-कायदा से जुड़े एक भविष्य के प्रमुख नेता के संपर्क में भी था। हाल में सामने आई वीडियो सामग्री ने उसके पुराने दावों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो में अल-कायदा नेता के साथ दिखाई दिया संदिग्ध

रिपोर्ट के मुताबिक, एक पुराने वीडियो में अल-बायूमी को अनवर अल-अवलाकी के साथ देखा जा सकता है। बाद के वर्षों में अल-अवलाकी अरब प्रायद्वीप में अल-कायदा का प्रमुख नेता बना। एक अन्य वीडियो में दोनों सैन डिएगो के आसपास पेंटबॉल खेलते हुए दिखाई देते हैं। इसी दौरान सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी के भी वहां मौजूद होने की बात सामने आई है।

FBI तक हमलों के तुरंत बाद पहुंची थी वीडियो सामग्री

इन वीडियो की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी जांच एजेंसी FBI को यह सामग्री 9/11 हमलों के कुछ ही दिनों बाद मिल गई थी। ये वीडियो अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। पीड़ित परिवारों की ओर से चलाए जा रहे मुकदमे में इन्हें साक्ष्यों के तौर पर शामिल किया गया है। इनसे अल-बायूमी की गतिविधियों और संपर्कों को लेकर पहले से मौजूद सवाल फिर चर्चा में आ गए हैं।

छात्र होने के दावे पर भी उठे सवाल

अमेरिका में रहने के दौरान अल-बायूमी ने खुद को एक छात्र के रूप में पेश किया था। हालांकि, सामने आई वीडियो सामग्री में उसकी गतिविधियां और संपर्क इस दावे से अलग तस्वीर पेश करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वह लंबे समय से चरमपंथी संगठनों से संबंध और सऊदी सरकार के लिए जासूसी करने जैसे आरोपों से इनकार करता रहा है। नए वीडियो इन दावों की जांच को फिर महत्वपूर्ण बना रहे हैं।

9/11 पीड़ित परिवारों के मुकदमे में वीडियो अहम

पीड़ित परिवारों ने सऊदी अरब के खिलाफ बड़े आर्थिक दावे वाला मुकदमा दायर किया है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि सऊदी अरब के कुछ अधिकारियों ने 9/11 हमले से जुड़े लोगों की सहायता की थी। इसमें दावा किया गया है कि अल-बायूमी ने उन 19 अपहरणकर्ताओं में से दो की मदद की थी, जिन्होंने विमानों को हाईजैक किया था। हालांकि, ये आरोप कानूनी विवाद का हिस्सा हैं और इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

ब्रिटेन में गिरफ्तारी के दौरान मिले थे अहम सबूत

हमलों के कुछ दिनों बाद अल-बायूमी को ब्रिटेन में मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट के अनुसार, उसके सामान की तलाशी के दौरान वीडियो समेत कई ऐसी चीजें मिली थीं, जिन्हें जांचकर्ताओं ने महत्वपूर्ण माना। इनमें एक विमान का बनाया गया चित्र भी शामिल था। इसके साथ विमान के नीचे आने से संबंधित एक गणितीय समीकरण लिखे होने की बात भी सामने आई।

सबूत मिलने के बावजूद नहीं चला मुकदमा

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इतने गंभीर सवालों और जांच में सामने आए सामान के बावजूद अल-बायूमी के खिलाफ कभी मुकदमा नहीं चलाया गया। अब लगभग 25 साल बाद सामने आई वीडियो सामग्री ने उस पुराने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। इन दस्तावेजों और वीडियो के आधार पर अल-बायूमी की भूमिका, उसके कथित संपर्कों और 9/11 से जुड़े व्यापक सवालों पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।

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