Zubeen Garg Death: सिंगापुर की पुलिस ने बुधवार को अदालत को बताया कि असमिया गायक जुबिन गर्ग ने हादसे के समय लाइफ जैकेट पहनने से मना कर दिया था। पुलिस के अनुसार, जुबिन अत्यधिक नशे में थे और इसी कारण लाजरस द्वीप के पास डूब गए। 52 वर्षीय जुबिन गर्ग का निधन पिछले साल सितंबर में हुआ था, एक दिन पहले ही उन्हें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में प्रस्तुति देनी थी।
लाइफ जैकेट पहनने से इनकार
चैनल न्यूज एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत में मुख्य जांच अधिकारी ने बताया कि जुबिन गर्ग ने शुरुआत में लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन बाद में उसे उतार दिया। इसके बाद उन्होंने दूसरी लाइफ जैकेट पहनने से भी इंकार कर दिया। अधिकारी ने कहा कि गायक बहुत ज्यादा नशे में थे। कई गवाहों ने देखा कि जुबिन डूबने से पहले नौका की ओर तैरने की कोशिश कर रहे थे।
डूबने का घटनाक्रम
रिपोर्ट में बताया गया कि जुबिन गर्ग अचानक बेहोश हो गए और उनका चेहरा पानी में डूब गया। उन्हें तुरंत नौका पर वापस लाया गया और सीपीआर दी गई, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने इस हादसे में किसी तरह की साजिश या अन्य कारवाई की कोई संभावना से इनकार किया।अदालत को बताया गया कि जुबिन गर्ग को उच्च रक्तचाप और मिर्गी की समस्या थी। उनके मिर्गी का आखिरी दौरा 2024 में पड़ा था। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक शराब या नशे की स्थिति में उनका शरीर और मस्तिष्क पर्याप्त रूप से काम नहीं कर पा रहे थे, जिससे हादसा और गंभीर हो गया।
पुलिस की निष्कर्ष रिपोर्ट
सिंगापुर पुलिस ने साफ किया कि जुबिन गर्ग की मौत साधारण दुर्घटना थी। किसी प्रकार की साजिश, हत्या या हिंसा के संकेत नहीं मिले। पुलिस ने बताया कि यह घटना व्यक्तिगत स्वास्थ्य और शराब के अत्यधिक सेवन के कारण हुई। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई आवश्यक नहीं है।जुबिन गर्ग का निधन ऐसे समय हुआ जब वे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में प्रस्तुति देने वाले थे। उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए यह एक अचानक और दुखद घटना थी। गायक की मृत्यु के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द कर दिया और श्रद्धांजलि अर्पित की।
हादसे के सबक और सुरक्षा उपाय
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पानी पर सुरक्षा उपकरण और लाइफ जैकेट का पालन कितना महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से, किसी भी नाव यात्रा के दौरान शराब या नशे में रहना जानलेवा साबित हो सकता है।जुबिन गर्ग ने असमिया संगीत और संस्कृति में अपना विशेष योगदान दिया। उनका अचानक निधन संगीत जगत और उनके प्रशंसकों के लिए अपूरणीय क्षति साबित हुआ। उनकी यादें और संगीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।










