
Yuzvendra Chahal Revelation : भारतीय क्रिकेटर और पंजाब किंग्स के स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल ने अपनी निजी जिंदगी के मुश्किल दौर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि तलाक के बाद उन्हें मानसिक तनाव, घबराहट और पैनिक अटैक जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इन परिस्थितियों का असर उनके शारीरिक स्वास्थ्य और क्रिकेट पर भी पड़ा। चहल के मुताबिक, उन्हें अपनी मानसिक स्थिति सुधारने के लिए खेल से ब्रेक लेने की जरूरत महसूस हुई, ताकि वह पूरी तरह फिट होकर मैदान पर वापसी कर सकें।
धनश्री वर्मा से अलगाव का क्रिकेट पर पड़ा असर
चहल और धनश्री वर्मा ने मार्च 2025 में तलाक लिया था। इससे पहले दोनों करीब 18 महीने से अलग रह रहे थे। चहल ने बताया कि इस दौरान सार्वजनिक जीवन में निजी मामलों को लेकर होने वाली चर्चाओं ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी थीं। आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में उन्होंने कहा कि एक सार्वजनिक हस्ती होने के कारण लोगों को निजी जिंदगी पर टिप्पणी करने का मौका मिल जाता है। इसका असर उनके प्रदर्शन और मानसिक स्थिति पर भी पड़ा।

मानसिक स्थिति ठीक रखने के लिए लिया क्रिकेट से ब्रेक
चहल के अनुसार, 2024-25 के घरेलू सीजन में उन्होंने हरियाणा के लिए बहुत कम मैच खेले। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह केवल दो व्हाइट-बॉल मुकाबलों में उतरे और फिर टी20 क्रिकेट से दूरी बना ली। उनका मानना था कि पूरी तरह फिट हुए बिना खेलना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने अपने कोच अनिरुद्ध से बात कर ब्रेक मांगा और बताया कि उन्हें पूरा सहयोग मिला। इसी दौरान उन्हें समझ आया कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना सही नहीं है।
पैनिक अटैक के दौरान बोलने में भी होती थी परेशानी
चहल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पैनिक अटैक के दौरान उनके चेहरे पर असामान्य बदलाव दिखाई देने लगते थे। उनके होंठ एक तरफ खिंच जाते थे और कई बार बोलना भी मुश्किल हो जाता था। इस अनुभव ने उन्हें एहसास कराया कि एंग्जायटी कितनी गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय तक इस बोझ को उठाते नहीं रहना चाहते थे और धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को दोबारा व्यवस्थित करने का फैसला किया।

पंजाब किंग्स के भरोसे ने बढ़ाया वापसी का हौसला
आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने चहल को 18 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस भरोसे ने उन्हें अपने करियर पर दोबारा ध्यान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद वह टीम को निराश नहीं करना चाहते थे। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 111 रनों के लक्ष्य का बचाव करने वाले मुकाबले के दौरान उन्हें अपनी जिम्मेदारी का एहसास हुआ और उन्होंने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
शराब छोड़ने और रिहैब सेंटर जाने का लिया फैसला
चहल ने बताया कि निजी जिंदगी में मुश्किलें बढ़ने के बाद उन्होंने शराब छोड़ने का निर्णय लिया और 26 दिन रिहैब सेंटर में बिताए। उनके मुताबिक, इस अनुभव से उनकी सोच, भावनात्मक संतुलन और परिपक्वता में बदलाव आया। उन्होंने नियमित जिम, फील्डिंग अभ्यास और ट्रेनिंग पर ध्यान देना शुरू किया। चहल ने यह भी बताया कि एबी डिविलियर्स की जीवन में संतुलन बनाए रखने की सलाह ने उन्हें खुद को समझने में मदद की।

अब क्रिकेट और जिंदगी को लेकर पहले से ज्यादा सकारात्मक
चहल के मुताबिक, उन्हें महसूस हुआ कि अगर उन्होंने अपनी आदतों और परिस्थितियों को नहीं बदला, तो उनका सबसे प्रिय खेल क्रिकेट प्रभावित हो सकता था। इसलिए उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं पर दोबारा ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि अब वह पहले से ज्यादा खुश और बेहतर स्थिति में हैं। उनका अनुभव यह भी दिखाता है कि मानसिक स्वास्थ्य, सही सहयोग और समय पर मदद लेना किसी खिलाड़ी के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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