बालक सगन लाल को मिला नया जीवन, जबलपुर मेडिकल कॉलेज में सफल उपचार के बाद लौटा घर

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आरबीएसके टीम के प्रयासों की सराहना की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम मातला निवासी पांच वर्षीय बैगा जनजातीय के बालक सगन लाल धुर्वे के सफल उपचार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम तथा सहयोगी विभागों के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। आरबीएसके की टीम ने संवेदनशीलता, समर्पण और निरंतर प्रयासों से यह सुनिश्चित किया कि कठिन परिस्थितियों के कारण कोई भी बच्चा उपचार से वंचित

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Published On :

अक्टूबर 29, 2026

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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आरबीएसके टीम के प्रयासों की सराहना की

भोपाल
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम मातला निवासी पांच वर्षीय बैगा जनजातीय के बालक सगन लाल धुर्वे के सफल उपचार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम तथा सहयोगी विभागों के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। आरबीएसके की टीम ने संवेदनशीलता, समर्पण और निरंतर प्रयासों से यह सुनिश्चित किया कि कठिन परिस्थितियों के कारण कोई भी बच्चा उपचार से वंचित न रहे।

बीमारी की पहचान से सफल उपचार तक सतत प्रयास
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के पांच वर्षीय सगन लाल को जीभ के असामान्य रूप से बढ़ने (मैक्रोग्लॉसिया) तथा लिम्फेटिक/वैस्कुलर मलफ़ॉर्मेशन की समस्या थी। आरबीएसके टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बीमारी की पहचान कर उपचार के प्रयास शुरू किए। परिजनों की आर्थिक-सामाजिक परिस्थितियों और अंधविश्वास के कारण अस्पताल पहुंचने में आ रही कठिनाइयों के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी।

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स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों से बालक को जिला चिकित्सालय बालाघाट से बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर पहुंचाया गया। 30 सितंबर 2026 को उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. विकेश अग्रवाल की निगरानी में उपचार किया गया और 8 अक्टूबर 2026 को सफल उपचार के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद बालक को सकुशल घर पहुंचाया गया।

समन्वय और संवेदनशीलता से मिली सफलता
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया के निर्देशन में उपचार एवं परिजनों की देखरेख की विशेष व्यवस्था की गई। जबलपुर में उपचार के समन्वय की जिम्मेदारी उप संचालक डॉ. सोनाली ठाकरे ने निभाई। जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक, आरबीएसके बालाघाट राजाराम चक्रवर्ती का बालक को ग्राम मातला से मेडिकल कॉलेज जबलपुर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उपचार की नियमित निगरानी के लिए तत्कालीन सगन लाल के उपचार में आरबीएसके टीम, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन और मेडिकल कॉलेज जबलपुर के चिकित्सकों ने समन्वय से कार्य किया। आरबीएसके टीम ने बीमारी की पहचान से लेकर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने तक लगातार प्रयास किए, जिसके फलस्वरूप बालक का सफल उपचार हुआ।