योगी सरकार की पहल से न्यायालयों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों से होगी कार्यवाही, मामलों के निस्तारण में आएगी तेजी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए राजस्व परिषद के न्यायालयों में मूल अभिलेखों के स्थान पर प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रतियों के आधार पर कार्यवाही करने का निर्णय लागू किया है। इस व्यवस्था को राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल के निर्देशों के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। डिजिटल व्यवस्था से सुरक्षित रहेंगे मूल अभिलेख नई व्यवस्था का सबसे बड़ा

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Published On :

जुलाई 5, 2026

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए राजस्व परिषद के न्यायालयों में मूल अभिलेखों के स्थान पर प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रतियों के आधार पर कार्यवाही करने का निर्णय लागू किया है। इस व्यवस्था को राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल के निर्देशों के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

डिजिटल व्यवस्था से सुरक्षित रहेंगे मूल अभिलेख

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा विलंब से उपलब्ध होने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा भेजी जाने वाली स्कैन प्रतियों में प्रत्येक पृष्ठ, आदेश पत्रक, नोटशीट, मानचित्र और अन्य समस्त अभिलेख क्रमवार एवं स्पष्ट रूप से शामिल किए जाएंगे। साथ ही संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर द्वारा प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य किया गया है, जिससे व्यवस्था की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे।

राजस्व परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय कारण दर्ज करते हुए निर्देश देगा, तभी मूल अभिलेख प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो सकेगी।

आरसीसीएमएस पोर्टल से न्यायिक प्रक्रिया होगी और अधिक आधुनिक

योगी सरकार लगातार ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दे रही है और यह नई पहल उसी सोच का विस्तार मानी जा रही है। भविष्य में आरसीसीएमएस पोर्टल के माध्यम से इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन संचालित करने की तैयारी भी की जा रही है। इससे न्यायिक कार्यवाही और अधिक सुगम, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।

अधिकारियों को निर्देश जारी

राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था की जानकारी देने और इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि यदि कोई अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है, तो संबंधित आरआरके के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।