बेटियों के सम्मानजनक विवाह का सहारा बनी योगी सरकार, सामूहिक विवाह योजना ने पकड़ी रफ्तार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों के सम्मानजनक विवाह का मजबूत सहारा बन रही है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 72,448 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना की बढ़ती रफ्तार से बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को विवाह के खर्च की चिंता से राहत मिल रही है। योजना के तहत 72,787 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों की जांच के बाद

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Published On :

सितम्बर 3, 2026

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लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों के सम्मानजनक विवाह का मजबूत सहारा बन रही है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 72,448 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना की बढ़ती रफ्तार से बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को विवाह के खर्च की चिंता से राहत मिल रही है।

योजना के तहत 72,787 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों की जांच के बाद 20,042 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 7,245 आवेदन अपात्र पाए गए। योगी सरकार का जोर पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने पर है।

पीलीभीत बना प्रदेश में अव्वल, दूसरे स्थान पर शाहजहांपुर

सामूहिक विवाह संपन्न कराने में पीलीभीत प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक 1,271 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। वहीं 1,063 विवाह के साथ शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा सुल्तानपुर में 1,040 और रामपुर में 1,031 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है। जिलों में लगातार आयोजित हो रहे सामूहिक विवाह समारोह योजना को जमीनी स्तर पर गति दे रहे हैं।

आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का संकल्प है कि आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसी संकल्प को साकार कर रही है। हमारा प्रयास है कि योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे, जिसके लिए तकनीक के माध्यम से सत्यापन व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

तकनीक से मजबूत हुई सत्यापन व्यवस्था, सीधे खाते में पहुंचेगी सहायता

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदकों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी की व्यवस्था की गई है। वहीं, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आय और जाति प्रमाण पत्रों का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। शीघ्र ही आधार आधारित भुगतान व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे अनुदान राशि पात्र लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे पहुंच सकेगी। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 64 हजार रुपये गृहस्थी बसाने, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।

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