UP News: बेटियों की शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य पर योगी का फोकस, 2017 से पहले की सरकारों पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कंदमाता की आराधना का संदेश देते हुए बेटियों की शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य और नारी सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं 96 प्रतिशत से अधिक हुई हैं और ड्रॉपआउट दर 3 प्रतिशत से नीचे आई है। अटल आवासीय और कस्तूरबा विद्यालयों का भी जिक्र किया।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 15, 2026

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UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगतजननी मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप को वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बताया। उन्होंने कहा कि मां स्कंदमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है।

सीएम योगी ने एक्स पर किया पोस्ट

सीएम योगी ने एक्स पर किया पोस्ट

सीएम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी।

CM योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है।

बेटियों की शिक्षा में निवेश से मजबूत होगा यूपी का भविष्य

बेटियों की शिक्षा में निवेश से मजबूत होगा यूपी का भविष्य

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।