UP News: योगी सरकार में 36 से बढ़कर 85 हुए मेडिकल कॉलेज, सीएम ने बताया स्वास्थ्य का नया मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश को लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 85 और एमबीबीएस सीटें 13,600 से अधिक हो गई हैं। आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत 10 करोड़ से अधिक लोगों के लाभान्वित होने की बात भी कही।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 9, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा में हुए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने ‘स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश’ की अवधारणा को सामने रखते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और आम लोगों को उपचार संबंधी आर्थिक चिंताओं से राहत देने की दिशा में काम किया जा रहा है। सीएम योगी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों को वर्ष 2017 से पहले की स्थिति से जोड़कर प्रस्तुत किया।

सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव का किया दावा

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सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव का किया दावा

बताते चले कि, सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प के तहत प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। उनके मुताबिक, वर्ष 2017 से पहले स्वास्थ्य क्षेत्र में मौजूद कमजोरियों को दूर करने और उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम तथा आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान दिया गया है। सीएम योगी ने उपचार की मजबूरी से स्वास्थ्य सुरक्षा के भरोसे तक पहुंचने को प्रदेश की नई पहचान बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार केवल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को समय पर और अपने आसपास बेहतर उपचार उपलब्ध कराना भी है।

वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज अभियान पर जोर

सीएम योगी ने प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के विस्तार को स्वास्थ्य व्यवस्था में आए बदलाव का प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने अपने संदेश में पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ की पहचान की चर्चा होती थी, जबकि अब सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।

इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग जिलों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधाएं विकसित करने और चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ाने की संभावनाएं बनती हैं। हालांकि, प्रत्येक जिले में सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता और उनके प्रभाव का आकलन अस्पतालों की क्षमता, विशेषज्ञ डॉक्टरों, उपकरणों तथा मरीजों को मिलने वाली सेवाओं के आधार पर किया जा सकता है।

यूपी में मेडिकल कॉलेज 36 से बढ़कर 85 होने का दावा

मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 थी, जो अब बढ़कर 85 हो गई है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा में सीटों की संख्या बढ़ने का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, पहले प्रदेश में एमबीबीएस की 4,690 सीटें थीं, जबकि अब इनकी संख्या 13,600 से अधिक हो चुकी है।

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यूपी में मेडिकल कॉलेज 36 से बढ़कर 85 होने का दावा

एमबीबीएस सीटों में इस बढ़ोतरी से चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रवेश के अवसर बढ़ने की बात कही गई है। वहीं, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार से विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ डॉक्टरों की उपलब्धता, मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति और अस्पतालों में जरूरी संसाधनों की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इन पहलुओं का असर मरीजों को मिलने वाले उपचार की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पर पड़ता है।

आयुष्मान भारत योजना से 10 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के दायरे में प्रदेश के 10 करोड़ से अधिक लोग शामिल हैं। उनके अनुसार, इन योजनाओं के माध्यम से गंभीर बीमारियों के उपचार पर होने वाले खर्च की चिंता कम करने में सहायता मिल रही है।

स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को निर्धारित शर्तों के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक स्थिति इलाज में बाधा न बने। इन योजनाओं के प्रभाव का आकलन लाभार्थियों की संख्या के साथ-साथ अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं, स्वीकृत उपचार और मरीजों को मिलने वाले वास्तविक लाभ से भी किया जाता है।

स्वास्थ्य सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण इलाज पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने की सुविधा को स्वस्थ उत्तर प्रदेश की पहचान से जोड़ा। उनके अनुसार, राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने, एमबीबीएस सीटों का विस्तार करने और स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से लोगों तक उपचार पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

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स्वास्थ्य सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण इलाज पर सरकार का जोर

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास का आगे का आकलन इस आधार पर भी होगा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मरीजों को कितनी आसानी से इलाज मिलता है, अस्पतालों में डॉक्टरों और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता कैसी है तथा स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक किस हद तक पहुंच रहा है।