
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मिर्जापुर में समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सपा विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते में बाधा बनती है। सीएम ने लोगों से भाजपा प्रत्याशियों को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि सही जनप्रतिनिधि चुनने से विकास का रास्ता खुलता है। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और मिर्जापुर मंडल में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया।
योगी आदित्यनाथ का सपा पर हमला

बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीत पाए, लेकिन शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को सरकार के सामने उठाते रहे हैं। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होना है।
सपा के PDA नारे पर योगी का सवाल
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के PDA नारे पर सवाल उठाते हुए राज्यसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के बजाय अपने करीबियों को प्राथमिकता दी। वहीं, भाजपा के आठ उम्मीदवारों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति के प्रत्याशी होने का दावा किया। योगी ने कांग्रेस और सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों दल परिवारों तक सीमित हैं।
कानून-व्यवस्था पर क्या बोले सीएम?
मुख्यमंत्री ने पिछली सपा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय माफिया का दबदबा था और सड़क, बिजली, पानी व शिक्षा जैसी सुविधाओं को लेकर लोगों को परेशानियां होती थीं। योगी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है।
यूपी में रोजगार और सरकारी नौकरी पर योगी का बड़ा दावा
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े नौ साल में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जबकि 65 लाख लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने एक जिला एक उत्पाद यानी ODOP योजना का जिक्र करते हुए दावा किया कि इससे तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए हैं। योगी ने कहा कि अब युवा स्टार्टअप शुरू करके खुद रोजगार पाने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।
यूपी टैबलेट योजना: दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि विधान परिषद चुनाव के बाद स्नातक युवाओं को टैबलेट देने के लिए बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है और उनके मुताबिक, अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत नीट, आईआईटी-जेईई और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाती है।
शिक्षकों को ₹5 लाख का स्वास्थ्य कवर, स्कूलों में स्मार्ट क्लास
योगी ने कहा कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के करीब 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित सालाना पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्कूलों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब विकसित की जा रही हैं।
मिर्जापुर मंडल में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले मिर्जापुर मंडल के तीनों जिलों में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय नहीं थे। अब मिर्जापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय शुरू होने का भी उन्होंने जिक्र किया। योगी ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है।
विंध्यवासिनी कॉरिडोर से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने का दावा

सीएम योगी ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि अब प्रतिदिन करीब दो लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर पा रहे हैं। गंगा के पक्के घाटों से भी लोगों को सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री ने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों की समीक्षा भी की।
नंद गोपाल गुप्ता नंदी और आशीष पटेल ने भी गिनाईं उपलब्धियां
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की पहचान बदली है। उन्होंने पहले की स्थिति को ‘एक जिला, एक माफिया’ बताते हुए ODOP योजना की तारीफ की। वहीं, कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव को सरकार के कामकाज पर मुहर लगाने का अवसर बताया। सम्मेलन में कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्नातक मौजूद रहे।











