UP Politics: योगी के जापान दौरे पर अखिलेश का तंज “काशी क्योटो क्यों नहीं बना, इसका सबक लेकर आएं”

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर जा रहे हैं, जहाँ वे मैग्लेव ट्रेन की सवारी और निवेश बैठकों में शामिल होंगे। इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर तीखा हमला करते हुए इस यात्रा को 'मनसुख-पर्यटन' बताया और काशी को क्योटो न बना पाने पर तंज कसा।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 20, 2026

UP Politics:  उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी सिंगापुर और जापान दौरे को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए उन पर कड़ा हमला बोला है। अखिलेश ने इस यात्रा को विकास के बजाय ‘मनसुख-पर्यटन’ करार दिया है।

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विरासत और विकास पर सपा का हमला

बताते चले कि, अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि यदि वे जापान जा रहे हैं, तो उन्हें क्योटो शहर का दौरा अवश्य करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इससे मुख्यमंत्री को यह समझने में मदद मिलेगी कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र काशी (वाराणसी) अभी तक क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर काशी की प्राचीन विरासत को नुकसान पहुंचाया गया है। सपा प्रमुख ने उम्मीद जताई कि सीएम जापान से शहरों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ उनकी ऐतिहासिक विरासत को सहेजने का सकारात्मक सबक लेकर लौटेंगे।

2027 के चुनाव की आहट

आपको बता दे कि, आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव ने इसे भाजपा सरकार का अंतिम समय बताया। उन्होंने लिखा कि कार्यकाल के आखिरी वर्षों में इस तरह के विदेशी दौरों से प्रदेश को कोई वास्तविक लाभ नहीं होने वाला है। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल व्यक्तिगत सुख के लिए किया गया पर्यटन है। उन्होंने कटाक्ष किया कि यदि मुख्यमंत्री इसे आधिकारिक तौर पर ‘मनसुख-पर्यटन’ स्वीकार कर लें, तो जनता उन्हें कम से कम एक सच बोलने के लिए याद रखेगी।

वनस्पति अनुसंधान पर कटाक्ष

कन्नौज सांसद ने अपने पोस्ट में ‘वनस्पति के विशेष अध्ययन’ का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस अध्ययन का लाभ केवल व्यक्तिगत होगा या फिर मुख्यमंत्री इसे अपने करीबियों के साथ साझा करेंगे। अखिलेश का यह बयान मुख्यमंत्री की कार्यशैली और उनके सलाहकारों की भूमिका पर एक गहरा राजनीतिक कटाक्ष माना जा रहा है।

योगी का आधिकारिक कार्यक्रम

सरकारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी को अपनी विदेश यात्रा पर रवाना होंगे। 23 और 24 फरवरी को वे सिंगापुर में रहेंगे, जहाँ विभिन्न बैठकों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। इसके बाद, 25 और 26 फरवरी को वे जापान के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करना और उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के लिए नई तकनीक तलाशना है।

जापानी तकनीक का प्रदर्शन

इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव (Maglev) ट्रेन होगी। यह ट्रेन चुंबकीय शक्ति (Magnetic Levitation) के जरिए पटरी से ऊपर उठकर हवा में तैरते हुए चलती है। मुख्यमंत्री इस ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह केवल तकनीकी जिज्ञासा नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन और हाईस्पीड कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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