Yoga Day 2026: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के विशेष अवसर पर देश और दुनिया के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश में योग की धूम देखने को मिल रही है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश का मुख्य और सबसे भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम वीरांगना भूमि झांसी के ऐतिहासिक किला मैदान में आयोजित किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और हजारों नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस मेगा इवेंट के माध्यम से सीएम योगी ने जन-जन को योग के महत्व से परिचित कराया और एक स्पष्ट संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर के माध्यम से ही एक सशक्त और प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है।
महारानी लक्ष्मीबाई की पावन धरती से प्रदेश और देशवासियों को बधाई
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर नायिका और अदम्य साहस की प्रतीक महारानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने वीरांगना लक्ष्मीबाई के किले के इसी ऐतिहासिक प्रांगण से सभी प्रदेशवासियों, बुंदेलखंड के नागरिकों और देशवासियों का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आत्मीय अभिनंदन किया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय योग विज्ञान और प्राचीन विरासत को वैश्विक मंच पर गौरवमयी मान्यता दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से आज पूरा विश्व भारत की इस विधा को अपना रहा है।
ग्राम पंचायत से लेकर राजभवन तक योग की ऊर्जा से सराबोर हुआ उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हो रहे आयोजनों की व्यापकता की जानकारी देते हुए बताया कि राजधानी लखनऊ में माननीय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के गरिमामयी नेतृत्व में मुख्य योग कार्यक्रम का सफल आयोजन हो रहा है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के सभी जिलों, नगर निकायों, विकास खंडों, ग्राम पंचायतों और मंडल स्तर तक व्यापक रूप से सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि जन-जन की यह भागीदारी हमारी समृद्ध और प्राचीन सनातन परंपरा के प्रति सामूहिक गौरव की अनुभूति का एक अनुपम और जीवंत प्रतीक है।
“Yoga for Healthy Ageing”
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की वैश्विक थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ रखी गई है। इस प्रासंगिक थीम पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति और चिकित्सा पद्धति हमेशा से मानती रही है कि स्वस्थ जीवन के लिए योग एक अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने शास्त्रों का संदर्भ देते हुए कहा कि एक स्वस्थ शरीर के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन के चारों पुरुषार्थों—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकता है। यदि शरीर अस्वस्थ और व्याधियों से घिरा है, तो जीवन के किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने की कल्पना करना भी असंभव है।
स्वस्थ नागरिक से ही संभव है एक आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र का निर्माण
मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न वर्गों का उदाहरण देते हुए योग की उपयोगिता को समझाया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ छात्र ही अपनी तीक्ष्ण बुद्धि से सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकता है, और एक स्वस्थ शिक्षक ही नई पीढ़ी को सुसंस्कृत और संस्कारवान बना सकता है। इसी तरह, एक स्वस्थ किसान कृषि के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकता है और एक स्वस्थ श्रमिक अपने कठिन परिश्रम से देश के बुनियादी ढांचे का निर्माण कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि एक स्वस्थ वैज्ञानिक ही देश को नए-नए अत्याधुनिक अनुसंधान दे सकता है। अंततः, एक स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र का असली आधार होता है।
योग को बनाएं अपनी दैनिक जीवन शैली
अपने प्रेरणादायी संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनसमुदाय और प्रदेश की जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिन के औपचारिक कार्यक्रम या वार्षिक उत्सव तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। शारीरिक व्याधियों, मानसिक तनाव और आधुनिक जीवनशैली की विसंगतियों से परित्राण पाने के लिए योग को अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली का एक अभिन्न हिस्सा बनाना अत्यंत आवश्यक है। नियमित योगाभ्यास से न केवल हमारा व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भी हमारा सबसे बड़ा योगदान होगा।
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