Xi Jinping का बड़ा संदेश, ताइवान को लेकर चीन का रुख फिर सख्त; भाषण में दी कड़ी चेतावनी

बीजिंग  चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बार फिर ताइवान को लेकर अपना सख्त रुख दोहराया है. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के 105वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान का मुद्दा सुलझाना यानी ताइवान को चीन में शामिल करने का पार्टी का ऐतिहासिक मिशन है. उन्होंने कहा कि यह कम्युनिस्ट पार्टी की अटल प्रतिबद्धता है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।  अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने ताइवान की आजादी की वकालत करने वाले अलगाववादी समूहों को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि चीन ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ निर्णायक

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Published On :

जुलाई 1, 2026

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बीजिंग 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बार फिर ताइवान को लेकर अपना सख्त रुख दोहराया है. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के 105वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान का मुद्दा सुलझाना यानी ताइवान को चीन में शामिल करने का पार्टी का ऐतिहासिक मिशन है. उन्होंने कहा कि यह कम्युनिस्ट पार्टी की अटल प्रतिबद्धता है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। 

अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने ताइवान की आजादी की वकालत करने वाले अलगाववादी समूहों को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि चीन ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा और किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नई परिस्थितियों में ताइवान मुद्दे को हल करने की पार्टी की रणनीति को पूरी तरह लागू किया जाएगा। 

शी जिनपिंग ने कहा कि चीन राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की हर कीमत पर रक्षा करेगा. उन्होंने दोहराया कि नेशनल यूनिफिकेशन का टारगेट हर हाल में आगे बढ़ाया जाएगा और चीन इस दिशा में लगातार कदम उठाता रहेगा। 

मजबूत देश के लिए मजबूत सेना जरूरी- जिनपिंग
अपने भाषण में राष्ट्रपति जिनपिंग ने सेना को भी मजबूत बनाने पर भी जोर दिया. चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि एक मजबूत देश के लिए मजबूत सेना जरूरी है और सिर्फ शक्तिशाली सैन्य बल ही देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ताइवान स्ट्रेट में चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। 

चीन के आर्थिक ग्रोथ पर क्या बोले शी जिनपिंग?
शी जिनपिंग ने यह भी स्वीकार किया कि चीन इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां अवसरों के साथ-साथ जोखिम और चुनौतियां भी मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि चाहे दुश्मन कितना भी ताकतवर क्यों न हो, रास्ता कितना भी मुश्किल क्यों न हो या चुनौतियां कितनी भी गंभीर क्यों न हों, चीन पीछे हटने वाला नहीं है। 

राष्ट्रपति जिनपिंग ने पार्टी नेताओं से अपील की कि वे संकट की भावना को मजबूत करें, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाएं और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाएं. साथ ही उन्होंने पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी की शुद्धता और मजबूती को नुकसान पहुंचाने वाले हर तत्व को खत्म किया जाएगा। 

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