World Water Awards:वॉटर डाइजेस्ट वर्ल्ड वॉटर अवार्ड्स का 20वां संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें पॉलिसीमेकर्स, ग्लोबल संस्थाएं, इंडस्ट्री के अग्रणी और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले लोग एक मंच पर आए। यह शाम वॉटर मैनेजमेंट में इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और लीडरशिप को पहचानने और 20 साल की विरासत का जश्न मनाने के लिए समर्पित थी।
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“रूट्स टू रेजिलिएंस, वीमेन एंड वॉटर”
आपको बता दें कि, अवार्ड्स से पहले UNESCO और UNEP की संयुक्त पहल में आयोजित “रूट्स टू रेजिलिएंस: वीमेन एंड वॉटर” नामक सेशन हुआ। इस सेशन में डॉ. कुंवरानी रितु सिंह ने महिलाओं की पानी संरक्षक भूमिका पर जोर देते हुए भारत में पानी से जुड़ी परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे महिलाएं समय से पानी की देखभाल करती आई हैं और आज भी इसे बनाए रखती हैं।
प्रमुख अतिथि और ग्लोबल सहभागिता
इस इवेंट में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल मुख्य अतिथि थे, जबकि राज भूषण चौधरी, जल शक्ति राज्य मंत्री, गेस्ट ऑफ ऑनर थे। नेशनल वॉटर मिशन के जॉइंट सेक्रेटरी सुमंत नारायण और UNESCO के डॉ. बेनो बोअर भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का नेतृत्व अनुपमा मधोक सूद और वॉटर डाइजेस्ट के उमेश कुमार शर्मा ने किया।
ओपनिंग एड्रेस और थॉट लीडरशिप
शुरुआती सेगमेंट की शुरुआत अनुपमा मधोक सूद के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने वॉटर डाइजेस्ट के 20 साल के योगदान और पानी के बारे में जागरूकता फैलाने की यात्रा पर प्रकाश डाला। इसके बाद ए. बी. पंड्या, एडिटर-इन-चीफ, ने इस साल पहचाने गए टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और उनके बड़े पैमाने पर समाज पर प्रभाव पर जोर दिया।
UNESCO का ग्लोबल दृष्टिकोण
डॉ. बेनो बोअर ने अपने स्पेशल एड्रेस में कहा कि पानी कोई कमोडिटी नहीं, बल्कि जीवन की अनिवार्य शर्त है। उन्होंने वॉटर मैनेजमेंट में पहले से हुए सुधारों और वॉटर डाइजेस्ट के योगदान की सराहना की।
नेशनल विज़न और पॉलिसी
राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि भारत के विकास और 2047 की दिशा में बढ़ने के दौरान पानी की सुरक्षा राष्ट्रीय महत्व रखती है। उन्होंने टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन, रियल-टाइम सुधार, पारदर्शिता और अकाउंटेबिलिटी पर जोर दिया।
वॉटर एक्शन के लिए कॉल
जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने कहा कि बारिश तो पर्याप्त होती है, लेकिन स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण भारत ग्राउंडवॉटर पर अत्यधिक निर्भर है। उन्होंने लोगों से पानी बचाने और सही प्रबंधन के लिए प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों पर इस पीढ़ी का निर्णय इतिहास तय करेगा।









