Women Reservation Bill Debate: महिला आरक्षण संशोधन बिल पर छिड़ी महा-बहस, मोदी-शाह संभालेंगे मोर्चा

संसद में आज महिला आरक्षण संशोधन बिल पर 18 घंटे की ऐतिहासिक चर्चा शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 3 बजे सदन को संबोधित करेंगे, जबकि गृह मंत्री अमित शाह चर्चा का जवाब देंगे। विपक्ष सीटों की संख्या 850 करने और परिसीमन के फॉर्मूले पर सवाल उठा रहा है। 17 अप्रैल को होने वाले मतदान पर पूरे देश की नज़रें टिकी हैं।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 16, 2026

Women Reservation Bill Debate: संसद के गलियारों में आज एक ऐतिहासिक राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिल रही है। महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर सदन में चर्चा का बिगुल बज चुका है। इस बिल को नारी शक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार कर ली हैं। आज दोपहर 3 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लोकसभा में इस बिल पर सरकार का रुख स्पष्ट करेंगे, जबकि पूरी बहस का अंतिम जवाब गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिया जाएगा।

18 घंटे का विधायी संवाद और मतदान का शेड्यूल

बताते चले कि, संसद में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के लिए कुल 18 घंटे का समय आवंटित किया गया है। 16 और 17 अप्रैल को होने वाली इस गहन बहस के बाद, लोकतंत्र के इस मंदिर में मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, कल यानी 17 अप्रैल को शाम 4 बजे वोटिंग कराई जा सकती है। सरकार की कोशिश है कि इस बिल को व्यापक सहमति के साथ पारित कराया जाए, ताकि देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

राहुल गांधी सूची से बाहर, प्रियंका गांधी करेंगी नेतृत्व

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने पहले दिन बहस में शामिल होने वाले अपने योद्धाओं की सूची जारी कर दी है। इस फेहरिस्त में गौरव गोगोई, केसी वेणुगोपाल और मनीष तिवारी जैसे अनुभवी नाम शामिल हैं। सबसे अधिक चर्चा प्रियंका गांधी, परिणिती शिंदे और के सुरेश की भागीदारी को लेकर है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज है कि कांग्रेस की वक्ताओं की आधिकारिक सूची में राहुल गांधी का नाम शामिल नहीं है। विपक्ष इस बिल के समर्थन के साथ-साथ इसकी खामियों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है।

कंगना रनौत और बांसुरी स्वराज जैसे नए चेहरे देंगे जवाब

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस चर्चा के लिए महिला और युवा सांसदों की एक मजबूत टीम उतारी है। बीजेपी की ओर से पहली बार सांसद बनीं कंगना रनौत, बांसुरी स्वराज और अपराजिता सारंगी जैसे प्रखर वक्ता अपनी बात रखेंगे। इनके साथ ही रक्षा खडसे और तेजस्वी सूर्या भी सदन को संबोधित करेंगे। सरकार की ओर से अर्जुन राम मेघवाल कानूनी बारीकियों को स्पष्ट करेंगे, जबकि पीएम मोदी और अमित शाह बिल के व्यापक प्रभाव और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालेंगे।

परिसीमन और सीटों की संख्या पर गहराता संशय

इस बिल के साथ कुछ बड़े विवाद भी जुड़े हैं, जिन्हें लेकर विपक्ष हमलावर है। सबसे बड़ी आपत्ति लोकसभा सीटों की संख्या को बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव पर है। विधेयक के सेक्शन 8 में 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की बात तो कही गई है, लेकिन सीटों के विस्तार का कोई ‘स्पष्ट फॉर्मूला’ साझा नहीं किया गया है। विपक्ष का सवाल है कि बिना किसी पारदर्शिता के सीटों का पुनर्वितरण और क्षेत्रों का निर्धारण कैसे किया जाएगा? इसी अस्पष्टता को लेकर सदन में आज और कल तीखी नोकझोंक होने के पूरे आसार हैं।