White House Attack: अमेरिका के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले प्रशासनिक केंद्र और राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास स्थान ‘व्हाइट हाउस’ के ठीक बाहर अचानक हुई अंधाधुंध गोलीबारी से पूरी वॉशिंगटन सिटी में हड़कंप मच गया है। दो बेहद खतरनाक और हथियारों से लैस हमलावरों ने व्हाइट हाउस परिसर की बाहरी सीमा से सटे पेनसिल्वेनिया एवेन्यू और 17वीं स्ट्रीट नॉर्थ वेस्ट चौराहे के पास पहुंचकर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। गोलियों की डरावनी आवाज सुनते ही अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात ‘यूएस सीक्रेट सर्विस’ के जांबाज एजेंटों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत अपना मोर्चा संभाला और कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को चारों तरफ से घेरकर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में एक हमलावर ढेर
व्हाइट हाउस के बाहर मुस्तैद सीक्रेट सर्विस के कमांडो और आतंकियों के बीच हुई इस सीधी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा बलों की अचूक जवाबी फायरिंग में एक मुख्य हमलावर मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। घायल हमलावर को पुलिस कस्टडी में लेकर तुरंत इलाज के लिए नजदीकी मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच, व्हाइट हाउस जैसी अति-सुरक्षित इमारत पर सीधा हमला करने वाले इस सिरफिरे शख्स की पहली तस्वीर भी मीडिया में सामने आ गई है, जिसने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं।
हमलावर की हुई नासिर बेस्ट के रूप में पहचान
अंतरराष्ट्रीय मीडिया और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मार गिराए गए मुख्य हमलावर की पहचान 21 वर्षीय ‘नासिर बेस्ट’ के तौर पर की गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही न्यूयॉर्क पुलिस और खुफिया विभागों के रिकॉर्ड के मुताबिक, नासिर बेस्ट एक गंभीर मानसिक व धार्मिक उन्माद से ग्रसित था और वह खुद को साक्षात ‘यीशु मसीह’ (जीसस क्राइस्ट) समझता था। वह पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर भी संदिग्ध और भड़काऊ पोस्ट साझा कर रहा था, जिसे अब जांच के दायरे में शामिल कर लिया गया है।
बैग से रिवॉल्वर निकालकर सुरक्षा चौकी पर चलाईं गोलियां
संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) के डायरेक्टर काश पटेल ने इस पूरे एनकाउंटर की क्रोनोलॉजी साझा करते हुए बताया कि 21 साल के नासिर बेस्ट ने ही सबसे पहले अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की थी। चश्मदीदों के मुताबिक, नासिर अपने बैग से एक बड़ी रिवॉल्वर निकालकर व्हाइट हाउस के सबसे सुरक्षित सुरक्षा चेकपॉइंट के बिल्कुल नजदीक तक पहुंच गया था और उसने वहां तैनात अधिकारियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं। सुरक्षा बलों ने अपनी आत्मरक्षा और देश की संप्रभुता को बचाने के लिए तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया। हालांकि, इस क्रॉस-फायरिंग के दौरान वहां से गुजर रहे एक बेकसूर राहगीर को भी गोली लग गई। खुफिया रिपोर्ट की मानें तो दोनों हमलावर हर हाल में व्हाइट हाउस के मुख्य भवन के अंदर घुसकर तबाही मचाना चाहते थे।
जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स की गोली लगने के बाद हमलावर नासिर बेस्ट जमीन पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया। सुरक्षा बल उसे तुरंत कस्टडी में लेकर एम्बुलेंस के जरिए जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले गए। लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद, अत्यधिक खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। राहत की बात यह रही कि इस भीषण गोलाबारी और आमने-सामने की मुठभेड़ में व्हाइट हाउस का कोई भी सुरक्षाकर्मी या अधिकारी घायल नहीं हुआ है।
चप्पे-चप्पे पर कमांडो तैनात
इस अप्रत्याशित और बड़े सुरक्षा उल्लंघन के बाद पूरे वॉशिंगटन डीसी में ‘रेड अलर्ट’ घोषित कर दिया गया है। व्हाइट हाउस की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को कई परतों में अपग्रेड कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर भारी हथियारों से लैस मरीन कमांडो तैनात कर दिए गए हैं। फिलहाल, एफबीआई (FBI) की फॉरेंसिक टीमें सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों के साथ मिलकर घटना स्थल से सबूत जुटा रही हैं। इस बात की भी गहन तफ्तीश की जा रही है कि नासिर बेस्ट के तार किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन या घरेलू स्लीपर सेल से तो नहीं जुड़े थे।
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