योगी आदित्यनाथ से “क्या चाहिए?” पर बच्चे का जवाब था “चिप्स”, हर कोई हंसी रोक न सका

गोरखपुर  मकर संक्रांति पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार तड़के गोरखनाथ मंदिर में सुबह चार बजे उन्होंने विधि-विधान के साथ गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की. पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं से मिले. जब वो बैठे थे तो एक छोटे बच्चे को अपने पास बुलाया और स्नेहपूर्वक उसके सिर पर हाथ फेरा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सहज भाव से उससे पूछा क्या चाहिए? बच्चा पहले कुछ नहीं बोला. योगी जी

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Published On :

जनवरी 15, 2026

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गोरखपुर 
मकर संक्रांति पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार तड़के गोरखनाथ मंदिर में सुबह चार बजे उन्होंने विधि-विधान के साथ गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की. पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं से मिले. जब वो बैठे थे तो एक छोटे बच्चे को अपने पास बुलाया और स्नेहपूर्वक उसके सिर पर हाथ फेरा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सहज भाव से उससे पूछा क्या चाहिए? बच्चा पहले कुछ नहीं बोला. योगी जी ने दो-तीन बार बड़े ही अपनत्व से पूछा, तब जाकर बच्चे ने मुख्यमंत्री के कान में धीरे से कुछ कहा. पहले तो मुख्यमंत्री समझ नहीं पाए कि बच्चा क्या कह रहा है. जैसे ही बात स्पष्ट हुई कि बच्चे ने चिप्स मांगे हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खिलखिलाकर हंस पड़े. उनका यह ठहाका देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु और सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुरा उठे. इसके बाद तत्काल बच्चे के लिए चिप्स मंगवाकर उसे दिया गया.

गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य: मुख्यमंत्री योगी

गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में प्रदेशवासियों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति भारतीय सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो आस्था, साधना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र स्थलों पर पहुंचकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं. गुरुवार को गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे प्रातः चार बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा के उपरांत भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित करने का अवसर मिला.

सूर्यदेव जगत की आत्मा हैं

मकर संक्रांति के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में सूर्य उपासना को विशेष स्थान दिया गया है. मकर संक्रांति का पर्व हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत प्रशस्त माना जाता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार सूर्य का अयन वृत्त 12 राशियों में विभाजित है. एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है. जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तो वह मकर संक्रांति कहलाती है. इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं और अगले छह महीने तक मिथुन राशि तक उत्तरायण रहते हैं. उन्होंने कहा कि उत्तरायण काल में दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं. यह समय ऊर्जा, जीवन और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. सूर्य के प्रकाश का मानव जीवन में कितना महत्व है, इसका अनुमान भारत की ऋषि परंपरा और पर्व-त्योहारों से लगाया जा सकता है.

देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि गोरखपुर में जहां लाखों श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं, वहीं प्रयागराज में भी संगम तट पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है. सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में कल्पवासी और संतजन अपनी साधना में लीन हैं. मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के पावन संगम में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. यह दृश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पर्व न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करते हैं. मकर संक्रांति का संदेश है ऊर्जा, प्रकाश और सकारात्मकता की ओर अग्रसर होना.

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