Election 2026: बंगाल और तमिलनाडु में 48 घंटे का ‘साइलेंस पीरियड’ शुरू, जानें मतदान के जरूरी नियम

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार शाम को प्रचार समाप्त हो गया। 23 अप्रैल को बंगाल में प्रथम चरण की 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर मतदान होगा। सुरक्षा बलों की तैनाती और सोशल मीडिया पर निगरानी के साथ निर्वाचन आयोग पूरी तरह तैयार है। जानें क्या हैं चुनावी आंकड़े और बड़े मुद्दे।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 21, 2026

Election 2026: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचने के बाद अब शांति के दौर में प्रवेश कर गई है। मंगलवार शाम को 23 अप्रैल के मतदान हेतु 48 घंटे पूर्व ही आधिकारिक चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। प्रचार थमने के बाद अब किसी भी रोड शो, जनसभा या लाउडस्पीकर के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

पश्चिम बंगाल प्रथम चरण मतदान

बताते चले कि, पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हो रही है, जिसमें पहले चरण का मतदान 152 विधानसभा क्षेत्रों में होने जा रहा है। इस महाकुंभ में कुल 1,478 प्रत्याशी अपनी चुनावी किस्मत का फैसला जनता की अदालत में छोड़ चुके हैं। आंकड़ों की बात करें तो लगभग 3.6 करोड़ मतदाता इन उम्मीदवारों के भविष्य का निर्धारण करेंगे। विशेष रूप से उत्तर बंगाल के 8 जिलों से लेकर दक्षिण बंगाल और जंगलमहल के क्षेत्रों तक सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि मतदान प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी हो सके।

बंगाल के 16 जिलों में ‘नारी शक्ति’ का दिखेगा दम

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, बंगाल के इस रण में महिला वोटर्स का प्रभाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुल मतदाताओं में से करीब 1.75 करोड़ महिलाएं अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगी। हाल के दिनों में आरक्षण और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों के केंद्र में रहने के कारण राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘नारी शक्ति’ किसी भी दल का खेल बनाने या बिगाड़ने की ताकत रखती है। मुर्शिदाबाद, बीरभूम और मेदिनीपुर जैसे संवेदनशील जिलों में महिला मतदाताओं की भारी भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है।

एक ही चरण में 234 सीटों पर होगा महामुकाबला

दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य तमिलनाडु में चुनावी प्रक्रिया एक ही चरण में पूरी की जाएगी। राज्य की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक साथ वोट डाले जाएंगे। इस बार चुनावी मैदान में 4,023 उम्मीदवारों की भारी फौज उतरी है, जिनके भाग्य का फैसला राज्य के 5.7 करोड़ मतदाता करेंगे। निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है, साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों को रोकने के लिए विशेष सेल का गठन किया गया है।

टीवीके (TVK) का उदय

तमिलनाडु के इस चुनावी दंगल में सबसे अधिक चर्चा अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी TVK की हो रही है। पहली बार चुनावी समर में उतरी यह पार्टी कई निर्वाचन क्षेत्रों में स्थापित राजनीतिक दलों को कड़ी टक्कर देती दिख रही है। विजय की सभाओं में उमड़ी भारी भीड़ और युवाओं के बीच उनके क्रेज को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार तमिलनाडु का चुनावी परिणाम चौंकाने वाला हो सकता है। क्या TVK राज्य की राजनीति में नया समीकरण पेश करेगी, यह 23 अप्रैल को ईवीएम में कैद हो जाएगा।

आयोग की पैनी नजर

प्रचार समाप्त होने के बाद अब अगले 48 घंटे निर्वाचन आयोग की विशेष निगरानी में रहेंगे। प्रशासन ने बाहरी व्यक्तियों को चुनावी क्षेत्रों से बाहर जाने का आदेश दिया है और होटलों व सामुदायिक केंद्रों की जांच की जा रही है। किसी भी प्रकार के डिजिटल या सोशल मीडिया कैंपेन पर भी आयोग की नजर है ताकि चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन न हो। 23 अप्रैल की सुबह से ही कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगने की उम्मीद है, जो लोकतंत्र के इस महापर्व की सफलता तय करेंगी।