West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बजते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची का आधिकारिक ऐलान कर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने कुल 291 विधानसभा सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाकी बची तीन सीटों पर जीटीए के अनीक थापा अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे, जिन्हें टीएमसी का समर्थन प्राप्त होगा। ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी 226 से अधिक सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी।
भाजपा पर तीखा हमला: ‘नो वोट फॉर बीजेपी’ का नारा
उम्मीदवारों के चयन के साथ ही ममता बनर्जी ने विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने ‘बॉयकॉट फॉर बीजेपी’ और ‘नो वोट फॉर बीजेपी’ का नारा बुलंद करते हुए दावा किया कि भाजपा राज्य में 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल का चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ विजय का प्रतीक है और जनता एक बार फिर मां, माटी, मानुष की सरकार पर भरोसा जताएगी। ममता ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यह बंगाल के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है और बाहरी ताकतें (दिल्ली का लड्डू) यहां सफल नहीं होंगी।
नंदीग्राम और भवानीपुर का समीकरण: सुवेंदु बनाम ममता
चुनाव आयोग द्वारा तिथियों की घोषणा के बाद भाजपा ने भी अपनी रणनीतिक चालें चल दी हैं। भाजपा की पहली सूची में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों से उम्मीदवार बनाया गया है। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को एक कड़े मुकाबले में पराजित किया था। हालांकि, बाद में ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट पर हुए उपचुनाव में भारी मतों से जीत हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत की थी। इस बार भी इन दोनों सीटों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
चुनाव आयोग पर निशाना: ‘सुपर इमरजेंसी’ के आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ‘बीजेपी कमीशन’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त जैसे शीर्ष अधिकारियों का तबादला करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। ममता ने राज्य की वर्तमान स्थिति को ‘सुपर इमरजेंसी’ बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार पिछले चार महीनों से अधिकारियों के माध्यम से राज्य प्रशासन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहार से पहले अधिकारियों को हटाना किसी बड़ी साजिश या दंगे की योजना का हिस्सा हो सकता है।
प्रमुख उम्मीदवारों की घोषणा: हाबरा से बारानगर तक के नाम
टीएमसी की इस सूची में कई दिग्गज नेताओं और नए चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी ने हाबरा विधानसभा सीट से ज्योतिप्रिय मल्लिक पर एक बार फिर भरोसा जताया है। अन्य प्रमुख नामों में नोआपाड़ा से त्रिनांकुर, दमदम उत्तर से चंद्रिमा भट्टाचार्य और बारानगर से सायंतिका बनर्जी को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा, राजरहाट-गोपालपुर से अदिति मुंशी और बारासात से सब्यसाची दत्ता को उम्मीदवार बनाया गया है। ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और जनतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने की अपील की है।
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