Wedding Dates 2026: वर्ष 2026 में विवाह की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए अच्छी खबर है। 14 अप्रैल 2026 को सूर्य के मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करते ही ‘खरमास’ समाप्त हो जाएगा। खरमास की समाप्ति के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा प्रतिबंध हट जाएगा और 15 अप्रैल से शादियों का सीजन विधिवत शुरू हो जाएगा। इस वर्ष अलग-अलग पंचांगों के अनुसार लग्नों की संख्या में भिन्नता है। बनारसी पंचांग में जहाँ चातुर्मास से पहले 38 शुभ मुहूर्त बताए गए हैं, वहीं मिथिला पंचांग के अनुसार कुल 21 लग्न मुहूर्त बन रहे हैं।
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खरमास के बाद मलमास का प्रभाव

शादियों का सीजन शुरू तो अप्रैल में होगा, लेकिन बीच में एक महीने का विराम भी आएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 17 मई से 15 जून 2026 तक ‘मलमास’ रहेगा। शास्त्र सम्मत मान्यताओं के कारण मलमास के दौरान विवाह जैसे बड़े मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। 15 जून के बाद एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी, जो जुलाई के मध्य तक जारी रहेगी। इसके बाद चातुर्मास (भगवान विष्णु के शयन काल) के शुरू होते ही अगले चार महीनों के लिए विवाह कार्यों पर रोक लग जाएगी।
क्यों जरूरी है शुभ मुहूर्त?
हिंदू धर्म में विवाह को केवल एक सामाजिक समझौता नहीं, बल्कि सबसे पवित्र आध्यात्मिक बंधन माना गया है। ज्योतिषाचार्य राकेश झा के अनुसार, सुखी दांपत्य जीवन के लिए ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूलता अनिवार्य है।
प्रमुख ग्रह: विवाह के लिए विशेष रूप से बृहस्पति (गुरु), शुक्र और सूर्य का शुभ स्थिति में होना आवश्यक है।
शुभ लग्न: वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मीन लग्न को विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
नक्षत्र: अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा और चित्रा नक्षत्रों में विवाह करना अत्यंत फलदायी होता है।
पंचांग के अनुसार विवाह की महत्वपूर्ण तिथियां
विवाह की योजना बनाने वालों के लिए यहाँ बनारसी और मिथिला पंचांग की प्रमुख तिथियां दी गई हैं:
1. बनारसी पंचांग (कुल 38 मुहूर्त)
बनारसी पंचांग के अनुसार अप्रैल से जुलाई के बीच लग्नों की भरमार है:
अप्रैल: 15, 16, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29, 30 (कुल 10 दिन)
मई: 1, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 12, 13, 14 (कुल 10 दिन)
जून: 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 27, 28, 29 (कुल 11 दिन)
जुलाई: 1, 2, 6, 7, 8, 12 (कुल 7 दिन)
2. मिथिला पंचांग (कुल 21 मुहूर्त)
मिथिला परंपरा को मानने वालों के लिए तिथियां इस प्रकार हैं:
अप्रैल: 17, 20, 26, 30
मई: 1, 6, 8, 10, 13
जून: 19, 24, 25, 26, 28, 29
जुलाई: 1, 2, 3, 6, 9, 12
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।










