सावन में महाकाल को क्यों चढ़ता है फलाहार?
सावन सोमवार पर बाबा महाकाल के उपव
ास की परंपरा मानी जाती है
नगर भ्रमण पूरा करने के बाद
ही बाबा को भोग अर्पित किया जाता है
इस दिन महाकाल को फलाह
ार का प्रसाद चढ़ाने की मान्यता है
सुबह 10 बजे पंचामृत पूजा के
बाद भोग आरती होती है
शाम 7 बजे आरती के दौरान दूध का भोग
लगाया जाता है
रात 10:20 बजे शयन आरती में मेवों का प्रसाद चढ़ता है
सावन में जल, दूध और बेलप
त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है।
महाकाल के दर्शन-पूजन से
अक्षय पुण्य मिलने की धार्मिक मान्यता है