मैनपुरी की किशनी सीट पर क्या कहता है जमीनी माहौल? जानें प्रमुख मुद्दे

किशनी मैनपुरी जिले की SC आरक्षित विधानसभा सीट है, जहां लंबे समय से सपा का मजबूत राजनीतिक प्रभाव देखने को मिला है

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के बृजेश कठेरिया ने भाजपा उम्मीदवार को 19,151 वोटों के अंतर से हराकर सीट पर जीत दर्ज की थी

किशनी के कई ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में जलभराव, खराब सड़कें और जल निकासी की समस्या स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है

क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों की ओर जाना पड़ता है

करीब साढ़े पांच सौ हेक्टेयर में फैला समान पक्षी विहार महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और विकास की कमी का मुद्दा उठता रहा है

किशनी के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चुनौतियां हैं और गंभीर मामलों में मरीजों को मैनपुरी या सैफई जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों पर जाना पड़ता है

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किशनी में जातीय समीकरण, विकास कार्य, रोजगार और स्थानीय सुविधाएं चुनावी चर्चा के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं

आगामी चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दल स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और अपने संगठनात्मक आधार के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेंगे