साहिबाबाद सीट पर मतदाताओं की संख्या 10 लाख के पार पहुंच चुकी है, जो 2027 के चुनाव तक 11 लाख के करीब पहुंचने का अनुमान है

जहाँ भाजपा अपने विकास, कानून-व्यवस्था और ‘योगी मॉडल’ के भरोसे मैदान में है, वहीं सपा 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले से चुनौती दे रही है

साहिबाबाद में लगभग 22-24% ब्राह्मण और 15-18% वैश्य व पंजाबी मतदाता हैं, जो चुनाव में सबसे निर्णायक भूमिका निभाते हैं

सीट पर 15-17% दलित, 12-14% गुर्जर-ठाकुर, 10-12% मुस्लिम और लगभग 15% ओबी‌सी मतदाता चुनावी गणित तय करते हैं

2017 में भाजपा के सुनील कुमार शर्मा ने रिकॉर्ड 2.14 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर नया इतिहास रचा था

खोड़ा कॉलोनी, वसुंधरा और शालीमार गार्डन जैसे बड़े इलाकों में स्वच्छ पेयजल की भारी किल्लत और खारा पानी एक मुख्य जनसमस्या है

मानसून के दौरान साहिबाबाद गांव, राजेंद्र नगर और वैशाली अंडरपास में गंभीर जलभराव से आम जनता और कारोबारी त्रस्त रहते हैं

नमो भारत (RRTS) और मेट्रो कनेक्टिविटी के बावजूद मोहन नगर चौराहे और अंदरूनी सड़कों पर पार्किंग व्यवस्था न होने से भारी जाम लगता है

इंदिरापुरम और वसुंधरा की हाई-राइज सोसायटियों में फ्लैट्स की रजिस्ट्री अटकने और मेंटेनेंस विवादों को लेकर मध्यमवर्ग में नाराजगी है

भाजपा से वर्तमान विधायक सुनील कुमार शर्मा का पलड़ा भारी दिख रहा है, जबकि सपा से पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं