2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की हॉट सीट फिरोजाबाद की सिरसागंज (सीट नं. 99) पर सियासी पारा अभी से हाई हो गया है

साल 2008 के परिसीमन के बाद से अब तक हुए तीनों चुनावों (2012, 2017, 2022) में इस सीट पर लगातार समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है

गठन के बाद से लेकर आज तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस सीट पर कभी जीत हासिल नहीं कर पाई है, जो इस बार उसके लिए बड़ी चुनौती है

सिरसागंज में यादव मतदाता सबसे प्रभावी (लगभग 35%) हैं, इसके बाद ठाकुर (21%), एससी (20%) और अन्य पिछड़ी जातियां हार-जीत तय करती हैं

सत्ताधारी बीजेपी 'जीरो टॉलरेंस' और विकास के दम पर किला भेदने में जुटी है, वहीं सपा अपने 'पीडीए' फॉर्मूले से दुर्ग बचाने की कोशिश में है

कृषि प्रधान क्षेत्र होने के बावजूद आलू आधारित प्रोसेसिंग यूनिट या चिप्स फैक्ट्री न होना किसानों का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा है

ग्रामीण इलाकों के कई संपर्क मार्ग और मुख्य सड़कें लंबे समय से गड्ढों में तब्दील हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है

कई गांवों में आज भी शुद्ध पेयजल का संकट है और समय पर नहरों में पूरा पानी न मिलने से सिंचाई प्रभावित होती है

बड़े राजनीतिक नारों के बीच इस बार जनता की बुनियादी समस्याएं और विकास कार्य तय करेंगे हार-जीत