बुलंदशहर की खुर्जा सीट पर 2027 में भाजपा, सपा और बसपा के बीच मुकाबले पर नजर रहेगी

भाजपा मौजूदा विधायक मीनाक्षी सिंह और योगी सरकार के विकास व कानून-व्यवस्था के मुद्दों के सहारे फिर जीत की कोशिश करेगी

समाजवादी पार्टी पीडीए फॉर्मूले, बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दा बना सकती है

सुरक्षित सीट होने के कारण दलित मतदाताओं की भूमिका अहम रहेगी। बसपा अपने पारंपरिक समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश करेगी

विधानसभा चुनाव 2012 में कांग्रेस के बंशी सिंह पहाड़िया ने जीत दर्ज की थी

भाजपा के विजेंद्र सिंह ने 2017 में खुर्जा सीट पर जीत हासिल कर पार्टी का दबदबा कायम किया

भाजपा की मीनाक्षी सिंह ने 2022 में 1,37,461 वोट हासिल कर सपा के बंशी सिंह को हराया था

खुर्जा का प्रसिद्ध सिरेमिक उद्योग गैस की कीमतों, बढ़ती लागत और बाजार में प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है

खराब सड़कें, ट्रैफिक जाम, जल निकासी की समस्या और बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाओं की मांग स्थानीय मुद्दे हैं

चुनाव में विकास कार्यों, रोजगार, किसानों की समस्याओं और पॉटरी उद्योग की स्थिति पर मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण हो सकता है