हापुड़ जिले की यह हॉट सीट धार्मिक, ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, जो अमरोहा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है
गढ़मुक्तेश्वर में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 3.5 लाख से अधिक हो चुकी है, जहाँ पुरुष और महिला वोटरों की मजबूत भागीदारी रहती है
क्षेत्र में लगभग 22-24% दलित और 20-22% मुस्लिम मतदाता हैं, जो किसी भी दल की जीत-हार का रुख तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं
यहाँ लगभग 12-15% जाट मतदाता और 10-12% सवर्ण मतदाता (विशेषकर ब्राह्मण) पारंपरिक रूप से निर्णायक साबित होते हैं
2022 में बीजेपी के हरेंद्र सिंह ने 1,04,113 वोट हासिल कर सपा के रविंदर चौधरी (77,807 वोट) को 26,306 वोटों से हराया था
बीजेपी अपने विकास और संगठन के दम पर दोबारा कब्जा जमाना चाहती है, जबकि सपा अपने 'PDA' फॉर्मूले से सत्ता वापसी की कोशिश में है
गंगा किनारे बसे इस क्षेत्र के किसान हर साल मानसूनी बाढ़ और फसल तबाह करने वाले कटान की स्थायी रोकथाम की मांग कर रहे हैं
'छोटा हरिद्वार' कहे जाने वाले ब्रजघाट में बेहतर स्वच्छता, आधुनिक सीवरेज और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं की आज भी कमी है
गन्ना भुगतान में देरी, आवारा पशु, बेहतर अस्पताल का अभाव और युवाओं के पलायन जैसे स्थानीय मुद्दे 2027 के चुनाव में हावी रहेंगे