उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में से हापुड़ जिले की धौलाना सीट पर 2027 के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है
इस सीट पर पिछले तीन चुनावों में अलग-अलग दलों को जीत मिली है, जिससे यह साबित होता है कि यहां कोई एक दल स्थायी रूप से हावी नहीं रहा है
2024 के आंकड़ों के अनुसार इस सामान्य सीट पर मतदाताओं की संख्या करीब 4.24 लाख तक पहुंच चुकी है, जो हार-जीत तय करती है
साल 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के धर्मेश सिंह तोमर ने बसपा के असलम को हराकर यह सीट जीती थी
साल 2022 के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर धर्मेश सिंह तोमर ने सपा के असलम अली को 12,628 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी
सत्ताधारी दल बीजेपी अपने हिंदुत्व मॉडल, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के दम पर अपनी जीत बरकरार रखने की कोशिश करेगी
समाजवादी पार्टी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA समीकरण के सहारे धौलाना में अपनी पकड़ मजबूत करने मैदान में उतरेगी
बसपा के पास अपना पारंपरिक दलित और संभावित मुस्लिम मतदाता आधार है, जो किसी भी वक्त मुकाबले के समीकरण को पूरी तरह बदल सकता है
जातिगत गणित के अलावा सड़क पर जाम, जलनिकासी, किसानों की समस्याएं, स्थानीय रोजगार और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं यहां के असल चुनावी मुद्दे रहेंगे