उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बुलंदशहर सदर सीट पर अभी से सुगबुगाहट तेज हो गई है

बुलंदशहर सदर में लगभग 4.10 लाख से अधिक मतदाता हैं, जहां महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या में बेहतरीन संतुलन है

इस सीट पर लगभग 25% से 30% मुस्लिम और 20% से 22% दलित मतदाता सबसे बड़ी निर्णायक भूमिका निभाते हैं

यहाँ सवर्ण (ब्राह्मण-वैश्य) मतदाता 15-18% और लोधी-राजपूत जैसे ओबीसी मतदाता 12-15% हिस्सेदारी रखते हैं

पिछले चुनावों (2017, 2020 उपचुनाव और 2022) में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने लगातार अपना परचम लहराया है

समाजवादी पार्टी का ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारा और आक्रामक सामाजिक इंजीनियरिंग इस बार बीजेपी को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है

बसपा अपने पारंपरिक कैडर वोटों और सर्वसमाज के समीकरण के जरिए हर बार की तरह मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास कर रही है

शहर की सबसे बड़ी समस्या अनियंत्रित ट्रैफिक जाम और लंबे समय से अटकी बाईपास निर्माण की मांग है

जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कें और सीवर चोक होने के कारण बरसात में होने वाला जलभराव आम जनता की बड़ी मुसीबत है

स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का अभाव और युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर न होना 2027 के चुनाव में बड़े मुद्दे बनेंगे