भरथना का सियासी गणित बदला, 2027 में किस करवट बैठेगा चुनावी ऊंट?

आरक्षित सीट: भरथना विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और इटावा जिले में आती है

1957 से चुनावी सफर: इस सीट पर 1957 से विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। शुरुआत में यह सामान्य सीट थी

2017 में BJP की पहली जीत: बीजेपी ने 2017 में सावित्री कठेरिया के जरिए पहली बार भरथना सीट जीती थी

2022 में सपा की वापसी: 2022 में सपा के राघवेंद्र कुमार सिंह ने बीजेपी के सिद्धार्थ शंकर दोहरे को 7,559 वोटों से हराया

2024 में सपा को बढ़त: लोकसभा चुनाव 2024 में भरथना विधानसभा क्षेत्र में सपा को बीजेपी पर 25,705 वोटों की बढ़त मिली

SIR के बाद घटे मतदाता: 2024 के 4,15,332 मतदाताओं के मुकाबले 2026 की अंतिम सूची में संख्या 3,64,862 रह गई

कृषि पर निर्भर अर्थव्यवस्था: क्षेत्र की बड़ी आबादी ग्रामीण है। गेहूं, धान और आलू जैसी फसलें स्थानीय अर्थव्यवस्था में अहम हैं

2027 में कई मुद्दे अहम: उम्मीदवार चयन, सामाजिक समीकरण, ग्रामीण मुद्दे, विकास, मतदान प्रतिशत और SIR के बाद बदली मतदाता सूची चुनाव में महत्वपूर्ण कारक रह सकते हैं