बाजार में मिलने वाली ज्यादातर दालचीनी असली 'सीलोन' नहीं, बल्कि 'कैसिया' नाम की सस्ती किस्म होती है
कैसिया में 'कूमारिन' तत्व अधिक होता है, जिसका लगातार सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है
असली सीलोन दालचीनी कई पतली परतों में लिपटी होती है, जबकि कैसिया की छाल मोटी और सख्त होती है
असली सीलोन दालचीनी कई पतली परतों में लिपटी होती है, जबकि कैसिया की छाल मोटी और सख्त होती है
असली दालचीनी हाथ से आसानी से मुड़ या टूट जाती है, पर कैसिया की स्टिक बहुत सख्त होती है
असली दालचीनी का रंग हल्का भूरा या टैन होता है, जबकि कैसिया गहरे भूरे और लालिमा लिए होती है
असली दालचीनी की खुशबू हल्की और मीठी होती है, जबकि कैसिया की महक तेज और तीखी होती है
असली दालचीनी पानी में जाते ही नरम हो जाती है, जबकि कैसिया भीगने पर भी सख्त
कैसिया को उबालने पर पानी बहुत गहरा रंग छोड़ता है, जबकि असली दालचीनी का रंग हल्का रहता है
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