साल 2026 में इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार को रखा जाएगा
यह एकादशी पितृ पक्ष में आती है, इसलिए इसमें भगवान विष्णु के साथ पितरों का स्मरण भी किया जाता है
व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें
पूजा स्थान की सफाई कर भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, चंदन और नैवेद्य अर्पित करें
अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या फल का दान करना बेहद मंगलकारी माना जाता है
इस पावन दिन पर पितरों की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करने का विशेष विधान है
एकादशी व्रत में चावल, गेहूं, दाल और किसी भी प्रकार के अनाज का सेवन पूरी तरह वर्जित है
इंदिरा एकादशी का व्रत अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को द्वादशी तिथि में पारण करके पूरा किया जाता है