Weather Update: हरियाणा में मौसम बदलेगा करवट, तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी

हरियाणा में मानसून की कमी के कारण खरीफ फसलों, विशेषकर कपास, बाजरा और मूंग की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

Weather Update

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 19, 2026

Weather Update: हरियाणा के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से सूखे और भीषण गर्मी का सामना कर रहे प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए राज्य में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिससे खेती-किसानी और आम जनजीवन को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। शनिवार तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया, जिससे उमस और गर्मी का कहर जारी था, लेकिन अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है।

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तीन दिनों तक झमाझम बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जिसके तहत प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि, असली बदलाव 20 से 22 जुलाई के बीच दिखेगा, जब भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ प्रभावी रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान राज्य के अधिकतर जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 30 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रहेगा, जो गर्मी से बेहाल लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी।

भीषण गर्मी से झुलसा प्रदेश

शनिवार के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। सिरसा और रोहतक में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक था। हिसार में 39.7, करनाल में 2.7 डिग्री और महेंद्रगढ़ में 2.9 डिग्री अधिक तापमान ने लोगों को परेशान किया। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। राज्य में अब तक सामान्य से 20 से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे जलस्तर और फसलों पर सीधा असर पड़ रहा है।

खरीफ फसलों पर सूखे का संकट

बारिश में कमी का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। राज्य की प्रमुख खरीफ फसलों—कपास, बाजरा और मूंग की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव देखा जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, कई किसान ट्यूबवेल के भरोसे खेती कर रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने के कारण खरीफ की अन्य फसलों की विकास दर में 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।

कृषि विभाग, हिसार के उप-निदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि इस सप्ताह अच्छी बारिश हो जाती है, तो पिछली कमी काफी हद तक भरपाई हो जाएगी। हालांकि, यदि सूखे का यह दौर और लंबा खिंचा, तो फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है, जिससे किसानों की कमर टूट सकती है।

अब किसानों की नजरें आसमान की ओर टिकी हैं। यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो हरियाणा के सूखे खेतों को वह आवश्यक नमी मिल सकेगी, जिसकी उन्हें फिलहाल सबसे ज्यादा जरूरत है। यह आगामी तीन दिन कृषि अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से अत्यंत निर्णायक साबित होंगे।

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