Weather Update: मई के महीने में देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) और निजी एजेंसी स्काईमेट ने अगले 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है। पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की संयुक्त गतिविधियों के कारण उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक मौसम अस्थिर हो गया है। कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। कुछ जगहों पर हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
Panipat Weather: अचानक बदला मौसम, झमाझम बारिश से ठंडी हुई पानीपत की सड़कें!
उत्तर और पूर्व भारत में आंधी-बारिश का असर
उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिन मौसम काफी सक्रिय रहेगा। कई जिलों जैसे लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, अयोध्या और गाजियाबाद में तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। हवा की रफ्तार 55 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। किसानों को फसल सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार में भी पटना, गया, भागलपुर और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा है। ठनका (आकाशीय बिजली) को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। मौसम में बदलाव से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा का मौसम
राजस्थान में पश्चिमी हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बन सकती है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं कुछ क्षेत्रों में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश भी देखने को मिल सकती है।
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट है। भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर संभाग प्रभावित रहेंगे हरियाणा में भी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन वज्रपात का खतरा बना हुआ है। लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई दे रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश हो रही है। शिमला, कुल्लू, चमोली और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में तूफानी स्थिति
पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे राज्यों में सबसे गंभीर स्थिति है। यहां भारी बारिश और 70 किमी/घंटा तक की तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की आशंका है।
दक्षिण भारत में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। समुद्री इलाकों में ऊंची लहरों के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी की वापसी
दिल्ली-एनसीआर में कुछ दिनों की राहत के बाद फिर से गर्मी बढ़ने लगी है। 8 से 12 मई के बीच तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं।
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