
Kal Ka Mausam: बिहार में पिछले कुछ दिनों से चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के कारण बने अनिश्चित और खराब मौसम के दौर से अब पूरी तरह राहत मिल गई है। चक्रवात का असर समाप्त होने के बाद समूचे उत्तर बिहार में आसमान साफ होने लगा है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (पूसा), समस्तीपुर तथा भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के संयुक्त सहयोग से जारी मध्यावधि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार के सभी जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ, शुष्क और सुहाना बना रहेगा।
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सुबह हल्की धुंध के बाद खिलेगी धूप, नहीं है कोई चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान मौसम का मिजाज काफी अनुकूल रहेगा। सुबह के वक्त हल्के से मध्यम स्तर की धुंध (Mist) छाए रहने की संभावना है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही सूर्यदेव के दर्शन होंगे और बेहतरीन धूप खिलने से मौसम सुहाना हो जाएगा। राहत की बात यह है कि चक्रवात का प्रभाव टलने के बाद मौसम विभाग की ओर से उत्तर बिहार के किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी (No Warning) जारी नहीं की गई है। आम लोग और यात्री बिना किसी बाधा के अपनी दैनिक गतिविधियों को पूरा कर सकेंगे।
पूसा विश्वविद्यालय द्वारा जारी ताजा तापमान और हवा के आंकड़े
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (पूसा) द्वारा जारी अद्यतन मौसम आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र की स्थिति इस प्रकार है। सोमवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.5 कम) तथा न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 1.5 कम) दर्ज किया गया था। वहीं, 3 नवंबर के विशेष पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 24 घंटों में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इस अवधि में 5.8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से लगातार पछिया (पश्चिमी) हवाएं चलती रहीं, जिससे सुबह और शाम के वक्त हल्की सिहरन महसूस होने लगी है।
बीते दिन सुबह 7 बजे हवा में सापेक्ष आर्द्रता 96 प्रतिशत और दोपहर 2 बजे 69 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि वाष्पोतसर्जन 1.4 मिमी रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश शून्य (0.0 मिमी) दर्ज की गई, यानी पूरी तरह शुष्क स्थिति बनी हुई है।
किसानों के लिए वरदान साबित होगा साफ मौसम

कृषि विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि चक्रवात ‘अर्णब’ का असर टलने और आसमान साफ होने से किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी। शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण किसानों को अपने खेतों और फसलों के प्रबंधन में भारी सहूलियत होगी। इससे धान की कटाई, मड़ाई और रबी फसलों की आगामी बुवाई से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी, जिससे कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
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