बुंदेलखंड में बनेंगे 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम, किसानों को मिलेगी राहत

लखनऊ । बुंदेलखंड के किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण और उचित मूल्य दिलाने के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। दोनों जिलों में कुल 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे। कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत दिनों

Wrriten By :

Editor

Published On :

अक्टूबर 27, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

लखनऊ
। बुंदेलखंड के किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण और उचित मूल्य दिलाने के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। दोनों जिलों में कुल 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे।

कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत दिनों सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में बुंदेलखंड में गोदाम निर्माण के लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर भूमि उपलब्ध कराने और भंडारण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए थे।

झांसी में 30 हजार, ललितपुर में 35 हजार मीट्रिक टन क्षमता
झांसी में लगभग 30 हजार और ललितपुर में 35 हजार मीट्रिक टन क्षमता के भंडारगृह बनाए जाएंगे। इसके लिए सहकारिता विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यहां दलहन, तिलहन, श्री अन्न (ज्वार-बाजरा) सहित अन्य कृषि उपज के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा मिलेगी।

उचित समय पर उपज बेच सकेंगे किसान
बुंदेलखंड में सूखा और असमान वर्षा से जुड़ी कठिनाइयों के कारण किसानों को परेशानी व नुकसान होता है। पर्याप्त भंडारण सुविधा मिलने से किसान बाजार की प्रतिकूल परिस्थितियों में उपज सुरक्षित रखकर उचित समय पर बेच सकेंगे। इससे कृषि उपज की गुणवत्ता एवं मूल्य संरक्षण में मदद मिलेगी और कृषि विपणन व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

उपज की बर्बादी घटेगी, रोजगार बढ़ेगा
कैबिनेट के इस फैसले से कृषि उपज की बर्बादी को न्यूनतम होगी और आपूर्ति श्रृंखला में भी व्यापक सुधार होगा। भंडारगृहों के निर्माण एवं संचालन से परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग, रखरखाव और अन्य सहायक गतिविधियों के जरिए स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

2