Voter List Scam: फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप, अखिलेश यादव ने FIR और न्यायिक जांच की मांग की

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटाने वाले 'फॉर्म-7' का भाजपा कार्यकर्ता दुरुपयोग कर रहे हैं। बिना मतदाता की जानकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर नाम कटवाए जा रहे हैं। क्या यह 2026 चुनाव से पहले विपक्ष को कमजोर करने की कोई बड़ी गुप्त रणनीति है?

Voter List Scam

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 2, 2026

Voter List Scam: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान फॉर्म-7 के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि कुछ लोग गैर-कानूनी तरीके से मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

PDA और अल्पसंख्यक वोटरों को निशाना बनाने का दावा

1 और 2 फरवरी को जारी अपने बयानों में अखिलेश यादव ने कहा कि PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग तथा अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, फॉर्म-7 के जरिए नकली दस्तखतों के साथ आवेदन देकर वोटरों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश ने इसे लोकतंत्र के साथ “बड़ा धोखा” करार दिया।

न्यायिक संज्ञान और FIR की मांग

अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले में न्यायिक संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या समूह गलत तरीके से वोटरों के नाम हटाने की प्रक्रिया में शामिल है, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। सपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि जहां कहीं संदिग्ध आवेदन दिखाई दें, वहां कानूनी कार्रवाई की जाए।

मतदाताओं से नाम सत्यापन की अपील

इन आरोपों के बीच अखिलेश यादव ने आम मतदाताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी वोटर अपनी-अपनी मतदाता सूची में नाम की जांच जरूर करें, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी समय रहते सामने आ सके। उनका कहना था कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है।

फॉर्म-7 आवेदनों में अचानक बढ़ोतरी के आंकड़े

आरोपों के बीच 6 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक फॉर्म-7 जमा होने का दिन-वार डेटा सामने आया है। शुरुआती तीन दिन यानी 6, 7 और 8 जनवरी को कोई आवेदन दर्ज नहीं हुआ। 9 जनवरी को 175 आवेदन आए, जबकि 10 जनवरी को कोई नई वृद्धि नहीं हुई। 11 जनवरी को अचानक 2,236 नए आवेदन सामने आए, जिसने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए।

महीने के मध्य से तेज हुई रफ्तार

इसके बाद 12 जनवरी से 16 जनवरी के बीच सैकड़ों आवेदन रोज़ दर्ज हुए। 17 जनवरी को 1,970 और 18 जनवरी को 3,865 आवेदन दाखिल किए गए। 19 जनवरी से 26 जनवरी तक रोज़ाना दो से तीन हजार के बीच फॉर्म-7 जमा होते रहे, जिससे कुल संख्या तेजी से बढ़ती गई।जनवरी के आखिरी दिनों में आवेदनों की संख्या और बढ़ गई। 27 जनवरी को 3,317, 28 जनवरी को 3,424, 29 जनवरी को 3,551 और 30 जनवरी को 4,288 आवेदन दर्ज हुए। 31 जनवरी को एक ही दिन में 8,503 आवेदन आए, जो पूरे महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। इस तरह 31 जनवरी तक कुल 57,173 फॉर्म-7 आवेदन जमा हो चुके थे।

क्या है फॉर्म-7 और इसका उद्देश्य

फॉर्म-7 चुनाव आयोग द्वारा जारी एक आधिकारिक आवेदन पत्र है, जिसका उपयोग वोटर लिस्ट से नाम हटाने या किसी नाम के शामिल होने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। यह तब भरा जाता है जब किसी मतदाता की मृत्यु हो गई हो, वह स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गया हो, नाम दो बार दर्ज हो, या वह मतदाता बनने के योग्य न हो। कोई भी मतदाता स्वयं अपना नाम हटवाने के लिए भी फॉर्म-7 का उपयोग कर सकता है।