Voter List: मतदाता सूची में नाम शामिल कराने से वंचित रह गए पात्र नागरिकों के लिए राहत की खबर है। अब अर्ह युवा, पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिक, छूटे हुए मतदाता, बेघर, दिव्यांग और महिला मतदाता केवल फार्म-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा फार्म-6 से कर सकेंगे आवेदन

भारत निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए फार्म-6 भर सकते हैं। यह सुविधा पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के साथ उन पात्र लोगों के लिए भी है, जिनका नाम किसी कारण से मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो सका है। पात्र नागरिक संबंधित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
SIR 2026 में छूटे नाम भी अब मतदाता सूची में जुड़ सकेंगे
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में जिन पात्र लोगों का नाम शामिल नहीं हो पाया है, वे भी फार्म-6 के जरिए अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इससे SIR प्रक्रिया के दौरान सूची से बाहर रह गए पात्र नागरिकों को दोबारा पंजीकरण का अवसर मिलेगा।
फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र की अनिवार्यता खत्म
मतदाता पंजीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि SIR के दौरान फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने की अनिवार्यता अब समाप्त कर दी गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करते समय फार्म-6 के साथ अलग से घोषणा पत्र लगाना जरूरी नहीं होगा। इससे आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो सकती है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से मतदाता पंजीकरण की सुविधा
पात्र नागरिक अपना आवेदन संबंधित बीएलओ यानी बूथ लेवल ऑफिसर के माध्यम से ऑफलाइन जमा कर सकते हैं। इसके अलावा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध है। यानी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए ये पात्रता जरूरी

निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। इसके साथ ही वह संबंधित क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए और कानून के तहत मतदाता बनने से अयोग्य नहीं होना चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने वाले पात्र नागरिक फार्म-6 के माध्यम से मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
गोरखपुर SIR में 6.45 लाख से अधिक नाम हटे
गोरखपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से पहले मतदाताओं की संख्या 36.66 लाख से अधिक थी। SIR प्रक्रिया के दौरान 6.45 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की बताई गई, जो पहले से मतदाता थे, लेकिन वर्ष 2003 की मतदाता सूची से अपने, माता-पिता या दादा-दादी से संबंधित जरूरी जानकारी या अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके।
SIR के बाद गोरखपुर में 30.20 लाख रह गई मतदाताओं की संख्या

जिला स्तर पर SIR के बाद जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 6,45,634 नाम हटाए गए। इसके बाद गोरखपुर में मतदाताओं की संख्या घटकर 30,20,908 रह गई। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र के माध्यम से वर्ष 2003 के रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी देना महत्वपूर्ण हो गया था। इससे पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने वाले लोगों के सामने अतिरिक्त चुनौती पैदा हुई।
घोषणा पत्र की बाध्यता हटने से पुराने रिकॉर्ड वाले मतदाताओं को राहत
अब फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र लगाने की अनिवार्यता खत्म किए जाने से उन पात्र लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पुराने पारिवारिक रिकॉर्ड की जानकारी या दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण आवेदन प्रक्रिया में अटक रहे थे। नई व्यवस्था में पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 बना अहम माध्यम
SIR के बाद मतदाता सूची को लेकर सामने आए बदलावों के बीच फार्म-6 के जरिए नए और छूटे हुए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण का रास्ता खुला है। खासकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं, पहली बार वोटर बनने वालों और SIR में नाम छूटने वाले पात्र नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने पात्र लोगों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने की अपील की है।










