Voter List Controversy UP: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एक बार फिर बीजेपी पर हमला बोला है। शनिवार (10 जनवरी) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास फर्जी आधार कार्ड बनाने वाली मशीन है, जिसका इस्तेमाल पार्टी चुनाव के समय करती है। उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया कि SIR और विधानसभा, पंचायत चुनाव की सूचियों में अंतर क्यों है।
BLO की जिम्मेदारी और वोटर संख्या पर उठाए सवाल
अखिलेश ने कहा कि जब एक ही BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) दोनों विधानसभा और पंचायत SIR ड्राफ्ट तैयार कर रहा है, तो पूरे प्रदेश और ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों की संख्या 12.69 करोड़ कैसे हो गई। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्रामीण क्षेत्रों और पूरे प्रदेश में वोटर संख्या समान कैसे हो सकती है। उनका कहना था कि यह स्पष्ट संकेत है कि कोई साजिश चल रही है।
PDA समाज के वोट कटाने की साजिश का आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के वोट काटने और बीजेपी के वोट बढ़ाने की योजना है। उन्होंने कहा कि BLO द्वारा किए गए SIR में विधानसभा मतदाता सूची से 2.88 करोड़ वोटर घटा दिए गए, जबकि पंचायत चुनाव में उन्हीं BLO ने 40 लाख वोटर जोड़े। अखिलेश ने पूछा कि क्या यही कारण है कि पंचायत चुनाव के फाइनल SIR ड्राफ्ट को 50 दिन देरी से जारी किया जा रहा है।
चुनाव आयोग से निष्पक्षता का सवाल
अखिलेश ने चुनाव आयोग से पूछा कि दोनों SIR सूचियों में से कौन सी सही है, क्योंकि दोनों आंकड़े एक साथ सही नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कोई कंपनी जिसने इलेक्टोरल बांड के जरिए बीजेपी को चंदा दिया, चुनाव आयोग का ऐप बना रही है, तो आयोग निष्पक्ष कैसे हो सकता है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग के माध्यम से लगभग 2 करोड़ वोट ‘अनमैप्ड’ किए जा रहे हैं, जो विपक्ष के वोट काटने की साजिश हो सकती है।
फर्जी आधार कार्ड बनाने का आरोप
सपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि बीजेपी के “आइडियोलॉजी वाले अफसरों” को खास तौर पर PDA वोट बैंक वाले बूथों पर भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर बूथ पर अपने 200 वोट बढ़ाने और विपक्ष के वोट काटने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए फर्जी आधार कार्ड तक बनाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि BLA की उपस्थिति में ही वोट काटे जाएं और उनकी सूची सार्वजनिक रूप से चस्पा की जाए।
लगभग 2 करोड़ वोट का अनमैप होना गंभीर
अखिलेश ने कहा कि मैपिंग के बाद लगभग दो करोड़ वोट अनमैप किए जा रहे हैं और यह केवल त्रुटि नहीं बल्कि गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि लगभग तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया जा रहा है, जबकि पहले कहा गया था कि मैपिंग वाले मतदाताओं को कोई नोटिस नहीं मिलेगा। उन्होंने पूछा कि यह मैपिंग किस कंपनी के ऐप के जरिए हो रही है और क्या वही कंपनी बीजेपी को चंदा देने वाली कंपनी है।
हेरा फेरी के जरिए जीतने का आरोप
अखिलेश ने कहा कि बीजेपी मुद्दों से नहीं जीत सकती, इसलिए हेरा फेरी कर जीतना चाहती है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा आइडियोलॉजिकल मैपिंग वाले अधिकारियों को ड्यूटी पर पोस्टिंग दी जा रही है। उनका मांग था कि सुनवाई राजनीतिक दलों के BLA की मौजूदगी में हो और निर्णय सार्वजनिक जगह पर डिस्प्ले किया जाए।










