Vitamin Supplements: आज के समय में हेल्थ और फिटनेस को लेकर लोगों की जागरूकता तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि कई लोग अपने शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए अलग-अलग तरह के विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स लेने लगे हैं। थकान महसूस होने पर आयरन की गोलियां लेना, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जिंक सप्लीमेंट लेना या त्वचा को बेहतर बनाने के लिए विटामिन-C का इस्तेमाल करना अब आम बात हो गई है।
हालांकि, बहुत कम लोग यह जानते हैं कि कुछ सप्लीमेंट्स को एक साथ लेना शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। एक न्यूट्रिशन एक्सपर्ट के अनुसार, सप्लीमेंट्स लेते समय उनका सही समय और सही कॉम्बिनेशन समझना बेहद जरूरी है। कई विटामिन और मिनरल ऐसे होते हैं जो एक-दूसरे के अवशोषण (Absorption) को प्रभावित करते हैं। यदि इन्हें बिना जानकारी के साथ लिया जाए, तो शरीर को उनका पूरा फायदा नहीं मिल पाता और कभी-कभी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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आयरन और कैल्शियम एक साथ क्यों नहीं?
आयरन शरीर के लिए बहुत जरूरी मिनरल है। यह लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के निर्माण में मदद करता है, जिससे शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन सही तरीके से पहुंचती है। आयरन की कमी होने पर एनीमिया जैसी समस्या हो सकती है, इसलिए डॉक्टर अक्सर इसकी सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं।
दूसरी ओर कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन अगर आयरन और कैल्शियम को एक साथ लिया जाए तो कैल्शियम आंतों में आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है। इसका मतलब यह है कि आयरन सप्लीमेंट लेने के बावजूद शरीर उसे पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। इसके अलावा कुछ लोगों को पेट से जुड़ी परेशानियां जैसे कब्ज, गैस या मतली भी महसूस हो सकती है। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर जरूर रखें।
आयरन और जिंक का कॉम्बिनेशन

जिंक इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करता है। लेकिन आयरन और जिंक को एक साथ लेने से समस्या पैदा हो सकती है। जब दोनों मिनरल्स एक साथ शरीर में पहुंचते हैं तो वे अवशोषण के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने लगते हैं। इससे दोनों ही मिनरल्स का पूरा लाभ शरीर को नहीं मिल पाता। कुछ मामलों में इससे पेट दर्द, मरोड़ या दस्त जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन दोनों सप्लीमेंट्स को अलग-अलग समय पर लिया जाए और उनके बीच कम से कम दो घंटे का अंतर रखा जाए।
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कॉपर और जिंक
कॉपर शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जरूरी होता है। यह ऊर्जा उत्पादन, नसों के स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि यदि लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में जिंक सप्लीमेंट लिया जाए तो यह कॉपर के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। इससे शरीर में कॉपर की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है। कॉपर की कमी होने पर एनीमिया, कमजोर इम्यूनिटी और नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि कॉपर और जिंक सप्लीमेंट्स को भी एक साथ लेने से बचना चाहिए।










